ज़िक्र तुम्हारा ही चल रहा था

zikra tumhara hi chal raha | Love Romantic Sad bewafa Shayari in Hindi

यूँ ही नहीं मुस्कुराए हम

ज़िक्र तुम्हारा ही चल रहा था मन …

यूँ ही नहीं मुस्कुराए हम…

यूँ ही नहीं मुस्कुराए हम

दिल में ही रहो

दिल में ही रहो मन …

बाहर गर्मी बहुत ज्यादा है।

दिल में ही रहो

तुम सा हसीन इस जमाने मे नहीं

तुम सा हसीन इस जमाने मे कुछ नहीं होगा !

बिना मिले ही ये हाल हैं…मिलोगे तो न जाने क्या हाल होगा …

 तुम सा हसीन इस जमाने मे नहीं

चुपचाप खामोश हो गया

नसीब ने पूछा…बोल क्या चाहिए तूझे ,

मैंने तुम्हे क्या मांग ली , चुपचाप खामोश हो गया ..!!

चुपचाप खामोश हो गया

गजब है मुहब्बत

बड़ा गजब किरदार है मुहब्बत का,

अधूरी हो सकती है मगर खतम नहीं।

 गजब है मुहब्बत

एक चेहरा जो नजरों मे बसा

इतवार का दिन है कि जो कटता ही नहीं…

एक चेहरा है जो नजरों मे बसा है, वो हटता ही नहीं…!!!

 एक चेहरा जो नजरों मे बसा

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