वो दूर जाने की फिराक मे थी

Wo dur ja rahi

उन्हें गले कैसे लगाते

वो दूर जाने की फिराक मे थी

और ईद करीब आ रही है … तो अब उन्हें गले कैसे लगाते ।

उन्हें गले कैसे लगाते

आज तक उसे इश्क़ समझ रखा

किसी ने थोड़ा सा अपना कीमती वक़्त दिया था मुझे …

मैंने आज तक उसे इश्क़ समझ कर सम्भाल रखा है अपने पास …

 आज तक उसे इश्क़ समझ रखा

I love you, u love me

आज मेरे फोन पर एक कॉल आया …

कॉल रिसीव करते ही न हाए न हेलो ,,

सीधे बोल बैठी – I love you, u love me …???

I love you, u love me

तुम्हारा हक है मुझपर

तुम्हारा हक है मुझपर , तुम्हारा ही रहेगा …

मौहब्बत कोई ईद नही, जो हर किसी से गले मिला जाए …

तुम्हारा हक है मुझपर

जो बेइंतहा मोहब्बत करते

उजड़ जाते हैं सिर से पाँव तक वो लोग ….

जो किसी बेपरवाह से बेइंतहा मोहब्बत करते हैं !

  जो बेइंतहा मोहब्बत करते

तुम्हारी सुन्दर आँखों का मकसद

तुम्हारी सुन्दर आँखों का मकसद कहीं ये तो नहीं !
कि जिसको देख लें उसे बरबाद कर दें !!

तुम्हारी सुन्दर आँखों का मकसद

पढ़ा करते थे इश्क की किताब

वो पढ़ा करते थे इश्क की किताब ,

और मुझे है की, इश्क बेजुबां हि याद रहती थी …

पढ़ा करते थे इश्क की किताब

Leave a Comment