KASH WO SIRF MERI HOTI

KASH WO SIRF MERI HOTI

YE KHUDA WO MERI HOTI ये खुदा, काश वो सिर्फ मेरी होती ,, या फिर वो मुझे, मेरी ज़िन्दगी में मिली ही ना होती … USE BHI ISHQ HAI खबर पक्की है “बॉस” … उसे भी इश्क है ,, क्या ? सचमुच ! यश बॉस, मगर अफसोस आपसे नही … बल्कि किसी और से … KISI OR KA DIL DEKHO अरे अरे , रुको रुको … अंदर कहाँ घुसे जा रहे हो ? जगह नहीं है … जाओ किसी और का “दिल” देखो … MUJHE PAYAR KARNA AATA ये सब…

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DHUNDHTE DHUNDHTE MAINE EK UMAR GUJARI

DHUNDHTE DHUNDHTE MAINE EK UMAR GUJARI

MAINE EK UMAR GUJARI ढूँढते ढूँढते मैंनें एक उम्र गुजारी जिसको ,, एकाएक उसे सामने देखूँ , तो मैं पागल हो जाऊँ । MAHFIL ME HAMARI SHAYARI महफ़िल में जो हमारी शायरी सुनने से कतराते थे ,, मालुम चला तन्हाइयों में वो, हमारी सभी शायरियाँ गुनगुनाते हैं … AB KUCH NAHI BAKI HAI अब कुछ भी नहीं बाकी है , सब कुछ खत्म हो गया ,, वो छोड़ कर चले गए यह शहर, हम छोड़कर चले गए यह दुनिया … SAB SAB KE NASIB ME NAHI “सब” सब के नसीब…

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kaise gujar rahi hai zindgi

kaise gujar rahi hai zindgi

कैसे गुजर रही है ज़िन्दगी कैसे गुजर रही है ज़िन्दगी, ये हर आते जाते लोग पूछ रहे हैं ,, मगर वो तेरे साथ दिखाई नहीं दे रही, ये कोई नहीं पूछता है … Bas halka sa muskura do to अरे सुनो तो, तुम्हे कहाँ जरुरत है सजाने सवारने की,,बस हल्का सा मुस्कुराती हो तो,बेहद खूबसूरत लगती हो !!! Bat to hamari sirf milne ki hui ti बात तो हमारी सिर्फ हर शाम , मिलने की हुई थी ,, पर ये क्या ? तुम तो एकदम घुल गए मुझमें !!! Bahuto…

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ज़िक्र तुम्हारा ही चल रहा था

zikra tumhara hi chal raha | Love Romantic Sad bewafa Shayari in Hindi

यूँ ही नहीं मुस्कुराए हम ज़िक्र तुम्हारा ही चल रहा था मन … यूँ ही नहीं मुस्कुराए हम… दिल में ही रहो दिल में ही रहो मन … बाहर गर्मी बहुत ज्यादा है। तुम सा हसीन इस जमाने मे नहीं तुम सा हसीन इस जमाने मे कुछ नहीं होगा ! बिना मिले ही ये हाल हैं…मिलोगे तो न जाने क्या हाल होगा … चुपचाप खामोश हो गया नसीब ने पूछा…बोल क्या चाहिए तूझे , मैंने तुम्हे क्या मांग ली , चुपचाप खामोश हो गया ..!! गजब है मुहब्बत बड़ा गजब…

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इश्क़ एक खूबसूरत एहसास है

इश्क़ एक खूबसूरत एहसास है

इस एहसास को समेटना चाहता इश्क़ एक खूबसूरत एहसास है “मन” , और मैं इस एहसास को समेटना चाहता हूँ। ऐ “मन” तू क्यों रोता ऐ “मन” तू क्यों रोता है … ये दुनिया है , यहाँ तो हरपल ऐसा ही होता है… वो बातें करना चाहते मेरी आँखो ने पकड़ा है, उन्हे कई दफा रंगे हाथ , वो मुझसे बातें करना तो चाहते है , मगर घबराते बहुत है … दिल के ज्ख्मो पर दिल के ज्ख्मो पर किसी की नज़र नहीं !!! हम मर चुके हैं तुझ पर,…

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हटा लो अपनी जुल्फों को मासूम चेहरे से

हटा लो अपनी जुल्फों को मासूम चेहरे से

चाँद ज्यादा हसीन लगता हटा लो अपनी जुल्फों को मासूम चेहरे पर से “ये मेरी मन” … चाँद खुले आसमान में ही ज्यादा हसीन लगता है …।।। इंतजार में घंटो खड़ा सुंदरता की प्रतियोगिता पूरे शबाब पे है … आज एक चाँद दूसरे चाँद के इंतजार में घंटो खड़ा जो है । ज़िद उसकी चाँद देखने की ज़िद उसकी थी,जल्दी से चाँद देखने की ,, मैंने झट से उसके सामने आईना रख दिया …. हँसते हुए बोल रही थी वो बार बार हँसते हुए बोल रही थी , तुम चले…

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समुद्रगुप्त गुप्त राजवंश

समुद्रगुप्त गुप्त राजवंश

समुद्रगुप्त (राज 335-380) गुप्त राजवंश के चौथे राजा और चन्द्रगुप्त प्रथम के उत्तरधिकरी थे। वे भारतीय इतिहास में सबसे बड़े और सफल सेनानायक में से एक माने जाते है। समुद्रगुप्त, गुप्त राजवंश के तीसरे शासक थे, और उनका शासनकाल भारत के लिये स्वर्णयुग की शुरूआत कही जाती है। समुद्रगुप्त को गुप्त राजवंश का महानतम राजा माना जाता है। वे एक उदार शासक, वीर योद्धा और कला के संरक्षक थे। उनका नाम जावा पाठ में तनत्रीकमन्दका के नाम से प्रकट है। उसका नाम समुद्र की चर्चा करते हुए अपने विजय अभियान…

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अपनी सोच को थोड़ा बदल कर देखो

अपनी सोच को थोड़ा बदल कर देखो

मुझसे भी बुरे हैं लोग मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदल कर देखो । मुझसे भी बुरे हैं लोग , कभी घर से बाहर निकल कर देखो !!! मैं बहुत अच्छा हूँ” “पहले मुझे लगता था कि मैं अच्छा हूँ , फिर मैंने अपने आप को zoom करके देखा , तो फिर मुझे पता चला कि मैं बहुत अच्छा हूँ”  !! लूट लो I love u बोलकर 100% डिस्काउंट चल रहा है मेरी मोहब्बत पर … लूट लो I love u बोलकर किसी और की होने से पहले…

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उसने कसम खाई थी बात नहीं करने की

उसने कसम खाई थी बात नहीं करने की

ढेर सारी बातें कर रही थी उसने कसम खाई थी कभी बात नहीं करने की । मगर पिछली रात ख्वाबो में ढेर सारी बातें कर रही थी । चांद भी झाकता रहता चांद भी झाकता रहता उसे , उसकी खिड़कियों से । गुस्ताख चांद भी उतर आया बदमाशियों पे । “होंठों” पर हल्की सी हँसी छिड़क कर “होंठों” पर हल्की सी हँसी , उसने खुद को औरों से “खूबसूरत” बना लिया … उसकी आँखों पर काजल की लकीरें उसकी आँखों पर काजल की लकीरें देखकर , पहली दफ़ा ये समझा…

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मुझे नहीं पता मेरी आँखों को किसकी तलाश

मुझे नहीं पता मेरी आँखों को किसकी तलाश

मेरी नजरें थम सी जाती मुझे नहीं पता कि मेरी आँखों को किसकी तलाश है , बस तुम्हे देखते है तो मेरी नजरें थम सी जाती है !! अपने हाथों में हाथ लिए वो अपने हाथों में हाथ लिए “चलते” रहे मेरा …… उन्हें “रात” का डर था … मेरा डर था “सवेरा”… अपने दिल में बन्द कर लूँ मन करता , तुम्हें अपने दिल में बन्द कर लूँ । और चाभी समुद्र में फेंक दूँ … !!! तेरा मुस्कुराना भी मुसीबत है तेरा मुस्कुराना भी मुसीबत है , मैं…

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