KASH WO SIRF MERI HOTI

KASH WO SIRF MERI HOTI

YE KHUDA WO MERI HOTI ये खुदा, काश वो सिर्फ मेरी होती ,, या फिर वो मुझे, मेरी ज़िन्दगी में मिली ही ना होती … USE BHI ISHQ HAI खबर पक्की है “बॉस” … उसे भी इश्क है ,, क्या ? सचमुच ! यश बॉस, मगर अफसोस आपसे नही … बल्कि किसी और से … KISI OR KA DIL DEKHO अरे अरे , रुको रुको … अंदर कहाँ घुसे जा रहे हो ? जगह नहीं है … जाओ किसी और का “दिल” देखो … MUJHE PAYAR KARNA AATA ये सब…

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जरा सी मोहब्बत कर ले

jara si mohabbat kar lo

हम बैठे इंतजार कर रहे जरा सी मोहब्बत कर ले, हम बैठे इंतजार कर रहे हैं । ये हसीन पल कही बीत न जाए , फिर तुम मोहब्बत बीन तरस न जाए । Sabhi खंजर एक साथ मारे हाथ पकड़ा , बात की , फिर झट से गले लगा लिया !!! तीनो खंजर एक साथ मारे थे जालिम “मन” ने… मोहब्बत भी खत्म नहीं हो रही दूरिया और भी बड़ गई हमारे बीच … और कम्बखत मोहब्बत भी खत्म नहीं हो रही .. ना पूछो मेरा हाल बार बार ना…

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बहुत किस्मत वाले होते हैं वो लोग

बहुत किस्मत वाले होते हैं वो लोग

आपके बिना “मन” नहीं लगता “बहुत किस्मत वाले होते हैं , वो लोग ! जिनकी मोहब्बत बिछड़ कर वापस लौट आए, और मासूमियत से कहें आपके बिना “मन” नहीं लगता । मेरे नजरों में एक सुपर पॉवर काश मेरे नजरों में एक सुपर पॉवर होती। जिन पर भी मेरी नजरे पड़तीं, वह तुम ही तुम हो जाती ।।। यूं ही ख़्वाबों में चले आया करो यूं ही ख़्वाबों में चले आया करो, ना पकड़े जाने का खतरा, ना जाने की जल्दी….!!! प्यार मुझे तो बेशुमार है एक तरफ़ा ही सही,…

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बेसब्री से इंतज़ार है बारिश का

बेसब्री से इंतज़ार है बारिश का

बेसब्री से इंतज़ार बेसब्री से इंतज़ार है बारिश का यूँ तो मुझे .. मेरा दिल तो बस, तेरे प्यार बरसाने पे तरसा है … ये जो अगस्त के बादल सुनों मन, ये जो अगस्त के बादल हैं ना… ये बिल्कुल तुम्हारे जैसे ही है… आस तो रहती हरदम, मगर बरसती कभी कभी … थोड़ा और करीब आओ थोड़ा और करीब आओ तुम, कि हम एक हो जाए ,, नकाब मे रखना अपने चेहरे को, कही देख कर मेरा दिल मचल ना जाए । इन बारिश की बूंदों में इन बारिश…

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तुम्हारे साथ बिता हूआ हर पल

तुम्हारे साथ बिता हूआ हर पल

तेरी बातें तेरी यादें वो तुम्हारे साथ बिता हूआ हर पल हसीं होता है ,, जब तेरी बातें, तेरी यादें, और तेरी माहौल होता हैं ।।। तुम खुल कर मुस्कुराते हो तुम्हारी होठ, महके हुए गुलाबों का बगिया लगता है ,, तुम खुल कर मुस्कुराते हो, तो बहुत अच्छा लगता है ! ये सीली-सीली अगस्त की हवा ये सीली-सीली अगस्त की हवा , ठंडी-ठंडी आ रही ,, लगता ये हवाएँ, मेरे महबूब की गलियों से हो के आ रही … तुम्हारे होंठ के नीचे तुम्हारे होंठ के नीचे वो छोटी…

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मना कर दिया उन्हें

मना कर दिया उन्हें

दिल कुचलकर तोड़ दिया मना कर दिया उन्हें, न आओं मेरे ख्वाबों में , इश्क़ हमने छोड़ दिया और अपना दिल कुचलकर तोड़ दिया । एक चांद था अकेला था मैं, किसे आवाज देता ,, एक चांद था, वो भी दूर खड़ा था । हाँ मोहब्बत है तुमसे सुनो मन… ज्यादा कुछ बोलने की ज़रूरत नहीं है ,, सिर्फ इतना कह दो, हाँ मोहब्बत है तुमसे … कहाँ खोएं हो “मन” इश्क़ हो, और सुकून भी हो ,, कहाँ खोएं हो “मन” तुम होश में तो हो ।।। चाँद तुम…

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बारिश की तरह कभी तुम भी

बारिश की तरह कभी तुम भी

तुम्हें महसूस करना चाहता बारिश की तरह कभी तुम भी बरस जाओ मुझ पर … मैं बूँद-बूँद तुम्हें महसूस करना चाहता हूँ । ये बारिश इस तरह मत बरस ये बारिश इस तरह मत बरस, कि वह आ न सकें , उनके आने कें बाद इतना बरस की वह जा न सकें …! इश्क़ से भरी आँखे देखकर इश्क़ से भरी आँखे देखकर, डाँक्टर ने कहा- आपको आँखो का ईलाज नहीं, दिल को सुकून चाहिए । तुम्हारे साथ बिताई यादें ना जाने कब खर्च हो गया, तुम्हारे साथ बिताई हुई…

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वो अक्सर पूछा करती थी

वो अक्सर पूछा करती थी

मैं अक्सर कहा करता था वो अक्सर पूछा करती थी, क्या कर रहे हो ??? मैं अक्सर कहा करता था कुछ भी नही , सिवाय तुम्हें याद करने के … जहाँ हम अक्सर मिला करते अक्सर , घंटो ठहर कर देखता हूँ उस गली में ,, जहाँ हम अक्सर मिला करते थे, और ठहर कर घंटो बातें किया करते थे … तुमसे मोहब्बत कुछ इस तरह तुमसे मोहब्बत कुछ इस तरह थी … कि मैं बता नहीं सकता, गिना नहीं सकता, दिखा नहीं सकता । दिल के किसी कोने में…

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अगर इशारों में ही बातें करनी थी

अगर इशारों में ही बातें करनी थी

अपनी आँखों को सजाते अगर इशारों में ही बातें करनी थी , तो पहले बताते । हम अपनी शायरी को नही, अपनी आँखों को सजाते !!! जब भी मैं टूटता हूँ जब भी मैं टूटता हूँ, तुम्हे ही ढूंढता हूँ । कभी तुमने ही एक बार कहा थी ना , हम एक है !!! तुमको पाकर जमाने से तुमको पाकर जमाने से खोना कौन चाहेगा । इस शहर में तन्हां होना कौन चाहेगा ।।। मुझे ज़िन्दा देख कर बोली वो मुझे ज़िन्दा देख कर बोली … “मन” बद्दुआ नही लगती…

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उन झुकी निगाहों से भी चोट लगता

उन झुकी निगाहों से भी चोट लगता

देखकर भी अनदेखा कर देता उन झुकी निगाहों से भी चोट लगता है “मन” !!! जो हर बार देखकर भी अनदेखा कर देता है “मन” ।।। यूं ही चलते चलते यूं ही चलते चलते जो आवाज दी थी न तुमने… कदमों की क्या औकात, सांसे तक रुक गई थी मेरी … एसे इतवार मनाने का क्या फायदा, तुमको एसे इतवार मनाने का , जो समय ही ना मीले, मुझसे मिलने आने का… कोई दूसरी कहानी पढ़ लो कोई दूसरी कहानी पढ़ लो “मन” !!! ये वाली कहानी मे तो ,…

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