Category: Mousam Shayari

Mousam Shayari ;- जिस तरह बादल बिना बरसात नहीं , ठीक उसी तरह मौसम के जिक्र बिना शायरी नहीं … पुराने समय से हि कवियों ने अपने कविताओं में मौसम कि बात जरुर छेड़ा है , तभी तो आज हर मौसम आते हि अपने साथ एक मोहक धुन के कर आता है …

बसंत कि ऋतु को कवियों व् लेखकों ने ” प्यार कि फूल खिलाने व् प्यार कि खुशबु फ़ैलाने ” से किया है … शीत कि ऋतु को कवियों व् लेखकों ने ” एक दूसरे  में खो जाने से ” ज़िक्र किया है … बारिश कि ऋतु को कवियों व् लेखकों ने ”बारिश  कि बूंदों में एक दूसरों को भींगने ”  से किया  है …

सभी ऋतुएँ हमारे जीवन कि खुशियों के साथ जुड़ा है , जिसका हमसब बेसब्री से इंतज़ार करते है , और उन रितुओ में खुद को झोंक देते है …

अपने ख्वाबों में जिसने भी तुम्हें देखा

आँख खुलते ही ढूँढने निकला अपने ख्वाबों में जिसने भी तुम्हें देखा होगा … यकीनन आँख खुलते ही वो, तुझे ढूँढने निकला होगा… उनके मीठे लफ्ज जब बरसते उनके मीठे लफ्ज जब बरसते है , बनकर बूँदे … यकीनन मैसम कोई भी…Read More »

बेसब्री से इंतज़ार है बारिश का

बेसब्री से इंतज़ार बेसब्री से इंतज़ार है बारिश का यूँ तो मुझे .. मेरा दिल तो बस, तेरे प्यार बरसाने पे तरसा है … ये जो अगस्त के बादल सुनों मन, ये जो अगस्त के बादल हैं ना… ये बिल्कुल तुम्हारे जैसे…Read More »

बारिश की तरह कभी तुम भी

तुम्हें महसूस करना चाहता बारिश की तरह कभी तुम भी बरस जाओ मुझ पर … मैं बूँद-बूँद तुम्हें महसूस करना चाहता हूँ । ये बारिश इस तरह मत बरस ये बारिश इस तरह मत बरस, कि वह आ न सकें , उनके…Read More »

मोहब्बत को शीतल रहने दो

इश्क़ को सावन रहने दो मोहब्बत को शीतल रहने दो , दिलो को पावन रहने दो..!! ज्येष्ठ की तरह मत जलाओ , इश्क़ को सावन रहने दो….!!!! तुम्हारे रसिले होंठ चाय तो मैंने हमेशा सही समय और सही मात्रा में पी हैं…Read More »

हम भी अक़्सर फूलो कि तरह तन्हा रहते

फूलो कि तरह तन्हा रहते हम भी अक़्सर इन फूलो कि तरह तन्हा रहते हैँ .. कभी ख़ुद टूट जाते है , कभी लोग हमे तोड़ जाते है ..lll तेरे बहुत करीब आकर काश मैं बारिश की बूंदें बन जाऊं… . तेरे…Read More »

बहुत जल रहा था दिल

उनकी यादों में बहुत जल रहा था “दिल” उनकी यादों में । अच्छा हुआ रिमझिम रिमझिम बारिश पड़ती रही उसपर !!! बारिश का मौसम सुनों एक मुट्ठी चाहत के बीज बिखेर लो अपनी दिल की ज़मीन पर , बारिश का मौसम है…Read More »

सूर्य को बहुत अभिमान था तेज चमक पर

उसका सारा अभिमान चूर कर दिया सूर्य को बहुत अभिमान था , अपने तेज चमक पर । बादलों ने एक झटके में उसका सारा अभिमान चूर कर दिया । इस मौसम की सर्द हवाएं इस मौसम की सर्द हवाएं , न जाने…Read More »

फिर से तेरी यादों का मेरे दिल में बवंडर

एक दूसरे को ओढते है चलो आज सर्दी का गुरूर तोड़ते है , कम्बल की जगह एक दूसरे को ओढते है। हम भी अलविदा कह देंगे एक दिन दिसम्बर की तरह हम भी अलविदा कह देंगे एक दिन , फिर ढूंढते फिरोगे…Read More »

ये हवाएँ इतनी लुभावनी मत बन

कहीं वो तुझसे भी नफरत न करे ये हवाएँ इतनी लुभावनी मत बन , कहीं वो तुझसे नफरत न करने लगे।।। बदलना किसको कहते मौसम की मिसाल दूँ या नाम लूँ तुम्हारा , कोई पूछ बैठा है बदलना किसको कहते हैं। मोहब्बत…Read More »

तेरे साथ बरसात में भीगने का ख्वाब

बरसात में भीगने का ख्वाब तेरे साथ बरसात में भीगने का ख्वाब , आज भी अधूरा हैं… जब भी बारिश होती, तो बाहें फैला के तुझे महसूस कर leta हूँ… एक बार मुझे हाथ थमा देती वो अक्सर ज्योतिष को हाथ दिखाकर…Read More »