By | 5th March 2019

Raghuwar Das रघुवर दास एक भारतीय राजनीतिज्ञ तथा वर्तमान में झारखण्ड के मुख्यमंत्री है। वे झारखण्ड के जमशेदपुर से विधायक है।

        २०१४ के चुनावों में उन्होंने ‘जमशेदपुर पूर्व’ सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा तथा वे इंडियन नेशनल कांग्रेस के उम्मीदवार आनन्द बिहारी दुबे को 70157 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। 
इनका जन्म 3 मई, 1955 को जमशेदपुर में हुआ। 1977 में वे जनता पार्टी के सदस्य बने तथा 1980 में बीजेपी की स्थापना के साथ ही वह सक्रिय राजनीति में आए।
1995 में वे पहली बार जमशेदपुर पूर्व से विधायक चुने गए। तब से लगातार पांचवीं बार उन्होंने इसी क्षेत्र से विधानसभा चुनाव जीता है।

        रघुवर दास का जन्म 3 मई 1955 को जमशेदपुर में हुआ था, उनके पिता का नाम स्व॰ चमन राम है। रघुवर दास ने अपना बचपन बहुत अभावों में गुजारा,जिसकी वजह से उन्होने जमशेदपुर की टाटा स्टील रोलिंग मिल में मजदूर के रूप में अपना सफर शुरु किया। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा भालूबासा हरिजन विद्यालय में हुई। यहीं से मैट्रिक की परीक्षा पास की। इसके बाद जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज से बीएससी और विधि स्नातक की परीक्षा पास की। रघुवर दास के परिवार में उनकी पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री हैं, हालांकि उनकी पुत्री की शादी हो चुकी है।

        रघुवर दास की शैक्षणिक योग्यता बीएससी (एलएलबी) है। वे 1995 से 2009 तक लगातार सांसद व विधायक रहे। वे पांच बार विधायक बन चुके हैं। रघुवर दास झारखंड के पहले गैर आदिवासी मुख्यमंत्री हैं।   रघुवर दास की छवि साफ-सुथरी रही है। रघुवर दास लोकनायक जयप्रकाश नारायण को अपना आदर्श मानते हैं। वे इमरजेंसी के दौरान व पार्टी के कार्यक्रम के तहत कई बार जेल भी जा चुके हैं।  

        2014 में झारखंड में हुए विधानसभा चुनावों में जमशेदपुर पूर्वी सीट से विजयी हुए हैं। अपने राजनीतिक सफर के दौरान वे झारखंड के उप मुख्यमंत्री भी रहे।   वे 2001 में झारखंड सरकार की ओर से प्रतिनिधित्व करते हुए लंदन, इंग्लैंड और चीन की यात्रा कर चुके हैं। साहित्य में रुचि रखने वाले रघुवर दास रामधारी सिंह दिनकर को पसंद करते हैं।   रघुवर दास पर कई विवादों के आरोप भी लगे हैं। जनवरी 2010 में रघुवर दास एक प्राइवेट कंपनी को पुरस्कार अच्छे कार्य करने के लिए पुरस्कार देने के चलते विवाद में रहे।  बात 2004-2005 की है जब दास झारखंड की मुंडा सरकार के अंतर्गत शहरी विकास मंत्री थे।   

राजनीतिक कॅरियर

        रघुवर दास का अपना बचपन बहुत अभावों में गुजारा, जिसकी वजह से उन्होंने जमशेदपुर की टाटा स्टील रोलिंग मिल में मजदूर के रूप में अपना सफर शुरु किया। टाटा स्टील के कर्मचारी से झारखंड के नये मुख्यमंत्री बनने तक का रघुवर दास का सियासी सफर बेहद दिलचस्प रहा है। रघुवर दास झारखंड के पहले गैर आदिवासी मुख्यमंत्री हैं। रघुवर दास पहली बार 1995 में भाजपा की टिकट पर जमशेदपुर (पूर्व) से चुनाव लड़े और जीत दर्ज की। चार बार विधायक रह चुके रघुवर दास 30 दिसंबर, 2009 से 29 मई, 2010 तक झारखंड के उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। एनडीए की पूर्व सरकार में इन्हें मंत्री पद भी दिया गया था। रघुवर दास को अमित शाह की टीम का हिस्सा माना जाता है।

        बतौर भाजपा संगठनकर्ता वे कई प्रदेशों में भाजपा की जीत में अहम भूमिका निभा चुके हैं। रघुवर दास भाजपा के कद्दावर नेताओं में जरूर गिने जाते हैं, लेकिन उनका आरएसएस या अन्य सहयोगी संगठनों से कोई सीधा संबंध नहीं है। रघुवर दास 1974 के छात्र आंदोलन के समय समाजवादी छात्र संगठनों के संपर्क में रहे। उसके बाद भाजपा का दामन थामने के बाद पार्टी ने उन्हें कई जिम्मेदारियां दीं, जिसको उन्होंने बखूबी निभाया। उन्होंने 2014 के चुनावों में ‘जमशेदपुर पूर्व’ सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा तथा वे भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के उम्मीदवार आनन्द बिहारी दुबे को 70157 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए और झारखंड के छठवें मुख्यमंत्री नियुक्त किये हुए।

        मुख्यमंत्री पद के लिए चुने जाने के बाद उन्होंने पार्टी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बीजेपी में ही संभव है कि एक मजदूर का मजदूर बेटा इसी पार्टी में मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति अथवा प्रधानमंत्री बन सकने की कल्पना कर सकता है।

        रघुवर दास 15 नवंबर, 2000 से 17 मार्च, 2003 तक राज्य के श्रम मंत्री रहे, फिर मार्च, 2003 से 14, जुलाई 2004 तक वह भवन निर्माण मंत्री तथा 12 मार्च, 2005 से 14 सितंबर, 2006 तक झारखंड के वित्त, वाणिज्य और नगर विकास मंत्री रहे। इस बीच, जुलाई, 2004 से मई, 2005 तक वह बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे और बाद में 19 जनवरी, 2009 से 25 सितंबर, 2010 तक उन्होंने दोबारा यह पद संभाला।
दास 30 दिसंबर, 2009 से 30 मई, 2010 तक झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ बनी बीजेपी की गठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री, वित्त, वाणिज्य कर, ऊर्जा, नगर विकास, आवास और संसदीय कार्य मंत्री रहे। हाल में 16 अगस्त, 2014 को अमित शाह की अध्यक्षता में बनी टीम में वह बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए।

        रघुवर दास ने अपना करियर टाटा स्टील के रोलिंग मिल में मजदूर के रूप में प्रारंभ किया था और फिर उनकी छंटनी कर दी गई थी। इसके बाद ही वह राजनीति से जुड़े। जमशेदपुर से बीएससी और एलएलबी की पढ़ाई करने वाले दास के परिवार में उनकी पत्नी और उनका पुत्र हैं। उनकी पुत्री की शादी हो चुकी है।


माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड श्री रघुवर दास का राजनीतिक सफर:


  • – 48-जमशेदपुर (पूर्वी) से 1995 से लगातार 2014 तक विधायक।
  • – 15 नवम्बर 2000 से 17 मार्च 2003 तक श्रम नियोजन मंत्री रहे।
  • – मार्च 2003 से 14 जुलाई 2004 तक भवन निर्माण मंत्री रहे।
  • – 12 मार्च 2005 से 14 सितंबर 2006 तक वित्त, वाणिज्य एव नगर विकास मंत्री रहे।
  •  
  • – 30 दिसम्बर 2009 से 30 मई 2010 तक उपमुख्यमंत्री रहे।
  • – 28 दिसम्बर 2014 से सम्प्रति, झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत।

16 Replies to “Raghuwar Das रघुवर दास”

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