By | 10th August 2019

तेरी अदाएँ देख देख कर

क्या लिखूँ तेरी सूरत की तारीफ़ में ए मेरे ”मन” ,
सारे अल्फाज खत्म हो गए मेरे , तेरी अदाएँ देख देख कर …

तेरी अदाएँ देख देख कर

ईद का सारा जिम्मा

ईद का सारा जिम्मा, अब चाँद पर आ ठहरा है ,,

शहर भर की निगाहें, तेरी छत पर टिका है …!!!

ईद का सारा जिम्मा

किसी ने दरवाज़ खटखटाया मेरा

आज फिर किसी ने दरवाज़ खटखटाया मेरा,,
जरा ध्यान से देखना,
अगर इश्क़ हो तो कहना खुदा के लिये माफ़ करे …!!!

किसी ने दरवाज़ खटखटाया मेरा

बे-वजह खामोश नही हुए

बे-वजह खामोश नही हुए है वो …
कुछ तो हमारी नदानीया गलत लगी होगी उन्हे …!!

बे-वजह खामोश नही हुए

सिर्फ तूझे ही मांगे लौट आए

लोगों ने रोज़ रोज़ कुछ नया माँगा खुदा से ,,
एक हम हैं जो हर बार सिर्फ तूझे ही मांगे लौट आए।।।

सिर्फ तूझे ही मांगे लौट आए

तेरे इश्क मे कुछ इस तरह

तेरे इश्क मे कुछ इस तरह मैं वफा करुं ,,

जहाँ जहाँ तेरे कदम पड़े, बस वही मैं भी चल पडूं ।।।

तेरे इश्क मे कुछ इस तरह

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