By | 12th September 2019

YE KHUDA WO MERI HOTI

ये खुदा, काश वो सिर्फ मेरी होती ,,

या फिर वो मुझे, मेरी ज़िन्दगी में मिली ही ना होती …

YE KHUDA WO MERI HOTI

USE BHI ISHQ HAI

खबर पक्की है “बॉस” … उसे भी इश्क है ,,

क्या ? सचमुच !

यश बॉस, मगर अफसोस आपसे नही … बल्कि किसी और से …

USE BHI ISHQ HAI

KISI OR KA DIL DEKHO

अरे अरे , रुको रुको …

अंदर कहाँ घुसे जा रहे हो ? जगह नहीं है …

जाओ किसी और का “दिल” देखो …

KISI OR KA DIL DEKHO

MUJHE PAYAR KARNA AATA

ये सब झूठ है, आपसे किसने कह दिया ,

कि मुझे प्यार करना अच्छी तरह आता …

बल्कि सच तो यह है कि

मुझे प्यार के अलावा सब कुछ आता …।

MUJHE PAYAR KARNA AATA

ZINDGI BHAR RAKHENGE EHASAN

ज़िन्दगी भर रखेंगे हम एहसान , उस शख्स का …

है कोई जो मुझे , मिला दे उस शख्स से …

ZINDGI BHAR RAKHENGE EHASAN

APSE ITANI GAHRI MOHABBAT

यकीं नहीं खुद पर मुझे कि ,,

मैं आपसे इतनी गहरी मोहब्बत करता हूँ ।

जरा सा क्या आपसे मिले , आपमें खोते चले गए ।

APSE ITANI GAHRI MOHABBAT

sad shayari

15 Replies to “KASH WO SIRF MERI HOTI”

  1. Pamila Zoumis

    It’s a shame you don’t have a donate button! I’d without a doubt donate to this outstanding blog! I suppose for now i’ll settle for bookmarking and adding your RSS feed to my Google account. I look forward to brand new updates and will talk about this blog with my Facebook group. Talk soon!

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *