kaise gujar rahi hai zindgi

kaise gujar rahi hai zindgi

कैसे गुजर रही है ज़िन्दगी

कैसे गुजर रही है ज़िन्दगी, ये हर आते जाते लोग पूछ रहे हैं ,,
मगर वो तेरे साथ दिखाई नहीं दे रही, ये कोई नहीं पूछता है …

कैसे गुजर रही है ज़िन्दगी

Bas halka sa muskura do to

अरे सुनो तो, तुम्हे कहाँ जरुरत है सजाने सवारने की,,
बस हल्का सा मुस्कुराती हो तो,
बेहद खूबसूरत लगती हो !!!

Bas halka sa muskura do to

Bat to hamari sirf milne ki hui ti

बात तो हमारी सिर्फ हर शाम , मिलने की हुई थी ,,
पर ये क्या ? तुम तो एकदम घुल गए मुझमें !!!

Bat to hamari sirf milne ki hui ti

Bahuto ke dilo me rahte

अगर जगह ही देनी है, तो अपनी रुह में दो ,,
यूँ तो बहुतों के दिलों में रहते हैं हम …

Bahuto ke dilo me rahte

Dil ko koi ek chhuta

जिस्मों को छूकर, तो हवा भी गुजर जाती हैं ,,
रूह तो कोई हजारों में एक ही छूता है …

Dil ko koi ek chhuta

Puri tarah tujhme h ham

आधे से कुछ ज़्यादा है, तो पूरे से कुछ कम ,,
कुछ ज़िन्दगी, कुछ दर्द, कुछ इश्क़ और उनमें कुछ हम …

Puri tarah tujhme h ham

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