Hamara Samaj Kafi Badal Gaya

Hamara Samaj Kafi Badal Gaya

Hamara Samaj Kafi Badal Gaya

 


रुको जिंदगी, आओ बैठो चाय पीते हैं …

तू भी तो थक गई होगी, मुझे भगाते भगाते हैं न …


इस खौफ से भरी खौफ़नाक जमाने में ,,

अगर सच बोलें तो घर में पत्थर आते हैं ,

और अगर झूठ बोलें तो हम खुद पत्थर हो जाते हैं !!


 हमारा समाज काफी बदल गया है ,,

यहाँ आम आदमी ही आम आदमी का शिकार कर रहा हैं ।


बधाई हो सम्पूर्ण मानव जाति को ,,

हम सब ने एक ऐसा समाज बुन दिया,

जहाँ हर कदम कदम फूंक फूंककर चलना पड़ रहा है


यकीनन वह देश खुद में गर्व करता होगा ,,

जहाँ हर व्यक्ति हर व्यक्ति का सहयता करता होगा !!


हमने तो अपने रिस्तो में, समाज में, दोस्तों में ,,

बस एक छोटा सा नफरत का पौधा लगाया था ।

ये तो आज बरगद बन गया  !!!

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