हम बैठे है मोहब्बत के इन्तेजार मै

ham baithe h mohabbat me

मोहब्बत के इन्तेजार

हम तो बैठे है किसी से मोहब्बत के इन्तेजार मै ,, कमबख्त हमारे इश्क के काबिल कोई मिले तो सही….

मोहब्बत के इन्तेजार

चाहत थी उनके साथ जीने की

एक चाहत थी उनके साथ जीने की दोस्तों , वरना पता तो हमे भी है मरना अकेले ही है..!

चाहत थी उनके साथ जीने की

इतने आँसू कहाँ हैं

मेरी कहानी , तुम सुन सको , इतने आँसू कहाँ हैं , तुम्हारे पास !!!

इतने आँसू कहाँ हैं

मोहब्बत का सवेरा हो

चल चलें… किसी ऐसी जगह जहाँ कोई न तेरा हो न मेरा हो ,, इश्क़ की रात हो और . बस मोहब्बत का सवेरा हो

मोहब्बत का सवेरा हो

लोग तुम्हें दूर से देखते

काश तु चाँद मै सितारा होता आसमान मे एक मेरा आशियाना होता ,, लोग तुम्हें दूर से देखते नजदीक से देखने का हक हमारा होता …..

लोग तुम्हें दूर से देखते

दिल मे जगह तेरे

मुफ्त मे नही मांगी थी दिल मे जगह तेरे ,, किराया आज तक चुका रहा हूँ आँसुओं से मेरे।

दिल मे जगह तेरे

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