हद से ज्यादा गुमनाम सी है चाहत

Gumnam si hai chahat

गुमनाम सी है चाहत के रास्ते

हद से ज्यादा गुमनाम सी है चाहत के रास्ते …!!
इसमें,
तू भी लापता…मैं भी लापता…!!!

गुमनाम सी है चाहत के रास्ते

दद॔-दे-दिल की दवा

“पूरी की पूरी दुकान मुहँ-माँगी कीमत में बिक जायेगी •••

जिस दिन दद॔-दे-दिल की दवा बाजार में आयेगी •••

 दद॔-दे-दिल की दवा

मुझे भूल कर तुमने कमाल कर दिया

माना कि लोग मरने के बाद भूल जाते हैं सभी …

मगर मुझे ज़िन्दा भूल कर तुमने कमाल कर दिया ।।

मुझे ज़िन्दा भूल कर तुमने कमाल कर दिया

ये सब चीजें तुम्हारी ही हैं

दर्द , आरज़ू , यादें , तमन्ना , तड़पन, शौक-ए-बेताबी …

ये सब चीजें तुम्हारी ही हैं , तुम आकर कभी ले जाओ इन्हें ।

ये सब चीजें तुम्हारी ही हैं

सिर्फ तुमसे मोहब्बत ही करता

काम तो सब करते हैं .. .

पर मैं तो सिर्फ तुमसे मोहब्बत ही करता हूँ ।

सिर्फ तुमसे मोहब्बत ही करता

मुझे अपना बना लिया

किस्मत में अपनी वो मुझको न लिख सका ..।

आज उसने पन्नो पे लिखकर मेरा नाम , मुझे अपना बना लिया ..।

मुझे अपना बना लिया

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