बैठे थे बड़े फुरसत से

Baithe te fursat se

हम बैठे रहे चांद के दिदार में

बैठे थे बड़े फुरसत से ,

तेरी एक फुरसत के इंतज़ार में ।।

तू कब निकले बन ठन कर ।

और देखे अपने चांद को, हम बैठे रहे चांद के दिदार में ।।

हम बैठे रहे चांद के दिदार में

सदियाँ गुजर जाएगी हमे भुलाने में

मिसाल बन कर जिए है हम इस शहर में …!!

तुम्हे सदियाँ गुजर जाएगी हमे भुलाने में …!!

सदियाँ  गुजर  जाएगी  हमे  भुलाने  में

तुम मेरे करीब से गुजर जाती

हो जाती हैं , मेरी धड़कने भी तेज़ ,

जब यूं ही तुम मेरे करीब से गुजर जाती हैं …

तुम मेरे करीब से गुजर जाती

हमारी प्यार की मीठी बातें

तुम और मैं , और हमारी प्यार की मीठी बातें ।

झुकी पलकें तुम्हारी ,और यूँ इशारों में कर दिए इजहार की बातें ।।।

हमारी प्यार की मीठी बातें

तुम्हारे ही ख्याल करते करते

तुम्हारे ही ख्याल करते करते , खत्म हो गया ये सारा दिन !
और अगली सुबह फिर
तेरी ही ख्वाहिश से , शुरू होगा नया दिन !!!

तुम्हारे ही ख्याल करते करते

मशहूर है इश्क़

तुम कुछ ऐसे लिपट जाओ , मेरी तक़दीर के साथ .. .

जैसे मशहूर है इश्क़, रांझे की हीर के साथ …

मशहूर है इश्क़

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