Chupa kar nazare kaha ja rahi

Chupa kar nazare kaha ja rahi

Chupa kar nazare

छुपा कर नजरे कहाँ जा रही ,,

तुम्हे देखने के लिए सारी गली तरस रही …।

Chupa kar nazare

Apne ap me ek mahfil hu

मुझे अकेला समझने की भूल कतई न करना ,,

मैं अपने आप में एक हँसता हुआ महफिल हूँ ।।

Apne ap me ek mahfil hu

Dard jayada badh jata h

कभी कभी दर्द इतना ज्यादा बढ़ जाता हैं ,,

कि आंखों से सिर्फ आंसू ही निकलते हैं …।

Dard jayada badh jata h

मेरी जिंदगी तुम बिन बिलकुल अधूरी

सुनों “मन” मेरी जिंदगी तुम बिन बिलकुल अधूरी हैं ,,

यह तुम क्यों नहीं समझती हैं।

मेरी जिंदगी तुम बिन बिलकुल अधूरी

उन्हें कितना चाहते थे हम

जीते जी उन्हें कितना चाहते थे हम ,,

जब मर गए , तो अब वो चाहते हैं हरदम …

उन्हें कितना चाहते थे हम

सब कुछ तो बिखरा बिखरा सा

सब कुछ तो बिखरा बिखरा सा लगता है ,,

कही “मन” नहीं टिकता , हर पल खोया खोया सा रहता हैं …

सब कुछ तो बिखरा बिखरा सा

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