By | 4th August 2019

तुम्हें अपने पास रख लूं

अगर तुम पूछो अपनी अहमियत मुझसे ,
तो सुनो मन ,,
सिर्फ तुम्हें अपने पास रख लूं , तो मैं सबसे अमीर हो जाऊँ ।।

तुम्हें अपने पास रख लूं

अचानक चौँक उठे “नींद’ से हम

अचानक चौँक उठे “नींद’ से हम…

किसी ने शरारत से कह दिया … सुनो वो “मिलने” आ रही …

अचानक चौँक उठे "नींद' से हम

तेरी जुल्फें तेरे गाल

तेरी जुल्फें , तेरे गाल , तेरे होंठ , तेरी कमर …
उफ्फ
एक नदी मे इतने भंवर …

 तेरी जुल्फें  तेरे गाल

तेरी यादों ने उड़ा दिए मेरे होश

आज एक बार फिर से , तेरी यादों ने उड़ा दिए मेरे होश-ओ-हवाश ,

मर जायेंगे हम, अगर यही सिलसिला चलता रहा…

तेरी यादों ने उड़ा दिए मेरे होश

ना रख इन फूलों को अपने साथ

ना रख इन फूलों को अपने साथ,

वर्ना दूनियाँ वाले कह देगे , इन फूलों में खुशबु तुम्हारी वजह से हैं …

ना रख इन फूलों को अपने साथ

शिकायतें तमाम होती हैं

शिकायतें तमाम होती हैं , मगर कहता कोई कहाँ है …

एक दिल है जो दिल को रोक लेता, चाहे जहाँ है….

शिकायतें तमाम होती हैं

136 Replies to “अगर तुम पूछो अपनी अहमियत”

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