हम भी अक़्सर फूलो कि तरह तन्हा रहते

हम भी अक़्सर इन फूलो कि तरह तन्हा रहते

फूलो कि तरह तन्हा रहते

हम भी अक़्सर इन फूलो कि तरह तन्हा रहते हैँ .. कभी ख़ुद टूट जाते है , कभी लोग हमे तोड़ जाते है ..lll

फूलो कि तरह तन्हा रहते

तेरे बहुत करीब आकर

काश मैं बारिश की बूंदें बन जाऊं… . तेरे बहुत करीब आकर तुझपर बरस जाऊं।।।

तेरे बहुत करीब आकर

रिमझिम तो मेरी आँखों से रोज होती

ऐ बारिश जरा खुलकर बरस , ये क्या तमाशा है ….!! इतनी रिमझिम तो मेरी आँखों से रोज होती है…!

रिमझिम तो मेरी आँखों से रोज होती

अपने महबूब के तलाश में

मेरी हि तरह चाँद भी भटकता रहता , अपने महबूब के तलाश में ,, बस फर्क इतना है की मैं दिन को और वो रात को …..

 अपने महबूब के तलाश में

हमारी प्यार की शुरुआत

सर्दी का मौसम , वो अँधेरी काली रात … इसी मौसम में हुई थी हमारी प्यार की शुरुआत ….

हमारी प्यार की शुरुआत

ताज के बाद खूबसूरत

हर मौसम में तुम अपना ख्याल रखना , ताज के बाद खूबसूरत एक सिर्फ तुम हि बची हो ….

ताज के बाद खूबसूरत

लिपट जाओ मेरे सीने से

आओ लिपट जाओ मेरे सीने से , ये दिसम्बर की रात है ,, कही ये सर्द हवा मन , तुम्हें बीमार ना कर दे ,,

लिपट जाओ मेरे सीने से

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