मोहब्बत को शीतल रहने दो

मोहब्बत को शीतल रहने दो

इश्क़ को सावन रहने दो

मोहब्बत को शीतल रहने दो ,
दिलो को पावन रहने दो..!!

ज्येष्ठ की तरह मत जलाओ ,
इश्क़ को सावन रहने दो….!!!!

इश्क़ को सावन रहने दो

तुम्हारे रसिले होंठ

चाय तो मैंने हमेशा सही समय और सही मात्रा में पी हैं ।

ये शुगर होने का कसूरवार तो तुम्हारे रसिले होंठ है ।।।

तुम्हारे रसिले होंठ

मुँह ज़ुबानी न बता इश्क क्या है

सिर्फ ऐसे ही मुँह ज़ुबानी न बता कि इश्क क्या है ???

मुझसे कर के दिखा तब मैं जानु कि ये इश्क क्या है …??

 मुँह ज़ुबानी न बता इश्क क्या है

ख़्वाब तुम्हारा ही देखूँ

आँखें बंद करूँ, और ख़्वाब तुम्हारा ही देखूँ ,,,
इस तपती गर्मी में भी वादियों का नज़ारा देखूँ ।

ख़्वाब तुम्हारा ही  देखूँ

पानी की अब तलाश नहीं

इस मौसम में शुष्क रेतो पर पानी की अब तलाश नहीं ..!

मगर हमने ये कब कहा कि हमें जोरो की प्यास नहीं ..!!

पानी की अब तलाश नहीं

दिल मेरा धड़कता रहे

दिल मेरा धड़कता रहे , और पूछे मुझसे बार बार एक ही सवाल ।

मेरी जान मे तुम हो , या मेरी जान ही तुम हो !!!

दिल मेरा धड़कता रहे

Leave a Comment