मेरे हर किस्से मे जिक्र तेरा

मेरे हर किस्से मे जिक्र तेरा

कुछ न रहा मुझमे

मेरे हर किस्से मे… जिक्र तेरा ,

कुछ न रहा … मुझमे मेरा …!!!

कुछ न रहा… मुझमे

मुझे इश्क़ समझाया करती

सुनो मन …

तमाम जुबाने… बेजुबान सी लगती है ,

जब तुम्हारी आँखें मुझे इश्क़ समझाया करती हैं…!!!

मुझे इश्क़ समझाया करती

कोई अपना हो और पास ना हो

कितना बुरा लगता है, जब बादल हो और बारिश ना हो …

जब आंखे हो और ख़्वाब ना हो, जब कोई अपना हो और पास ना हो …!!!

कोई अपना हो और पास ना हो

लड़कियों के हाथो में मेहंदी

लड़कियों के हाथो में मेहंदी खूब भांति है ,
और लड़कों के हाथ में वो मेहंदी वाले हाथ …

लड़कियों के हाथो में मेहंदी

चाँद बनकर मेरा ही रहेगा

सुनो ‘मन’ …

आसमान चाहे जिसका भी हो ,

मगर चाँद बनकर मेरा ही रहेगा …!!!

चाँद बनकर मेरा ही रहेगा

तुम्ही को माँग लूँ मैं तुमसे

वैसे न बोल वर्ना, माँगने को तो बहुत कुछ माँग लूँ मैं तुमसे ,,

भला उस वक्त क्या दोगे, अगर तुम्ही को माँग लूँ मैं तुमसे !!!

तुम्ही को  माँग लूँ मैं तुमसे

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