मुझे बड़ी अच्छी लगी

मुझे बड़ी अच्छी लगी

चार दिन इश्क़ मोहब्बत

मुझे बड़ी अच्छी लगी
उसकी ये अदा..!!!

चार दिन इश्क़ मोहब्बत
और फिर अलविदा…!!!

चार दिन इश्क़ मोहब्बत

प्यार वो है जो देखते देखते हो

प्यार वो नहीं , जो कोई प्लान बनकर करता है ..

प्यार वो है… जो देखते देखते आपरुपि हो जाता है ..!!

प्यार वो है जो देखते देखते  हो

इश्क़ एक खतरा है

इश्क़ एक खतरा है “ए मन” …

और मुझे लगता है , कि मैं खतरे में हूँ ..!

इश्क़ एक खतरा है

बिखरने से तकलीफ होती

मुझे वक्त गुजारने के लिये मत चाहा
कर…
मैं भी इंसान हूँ…!!
मुझे भी बिखरने से तकलीफ होती है…!!!

 बिखरने से तकलीफ होती

भीड़ इतनी भी तो न थी

भीड़ इतनी भी तो न थी, शहर के बाज़ारों में ,..

मुझे खोने वाले …एक बार तुने कुछ देर तो ढूँढा होता ..

भीड़ इतनी भी तो न थी

ज़िक्र किया सुकून का

जहाँ भी लोगों ने ज़िक्र किया सुकून का !!!

वहीँ तेरी बाहोँ की तलब याद आती रही मुझे ..!!

ज़िक्र किया सुकून का

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