By | 1st August 2019

बेसब्री से इंतज़ार

बेसब्री से इंतज़ार है बारिश का यूँ तो मुझे ..
मेरा दिल तो बस, तेरे प्यार बरसाने पे तरसा है …

बेसब्री से इंतज़ार

ये जो अगस्त के बादल

सुनों मन, ये जो अगस्त के बादल हैं ना…
ये बिल्कुल तुम्हारे जैसे ही है…
आस तो रहती हरदम, मगर बरसती कभी कभी …

ये जो अगस्त के बादल

थोड़ा और करीब आओ

थोड़ा और करीब आओ तुम, कि हम एक हो जाए ,,
नकाब मे रखना अपने चेहरे को, कही देख कर मेरा दिल मचल ना जाए ।

थोड़ा और करीब आओ

इन बारिश की बूंदों में

इन बारिश की बूंदों में इश्क़ की मिलावट कर दो

अा जाओ मेरे ख्वाबों में, और ख्वाबों की सजावट कर दो …

इन बारिश की बूंदों में

इंतजार मुझे इश्क़ के मौसम का

जहाँ बारिश नहीं, वहाँ तुम्हारा इश्क़ बरसे ,,

इंतजार मुझे … उस इश्क़ के मौसम का है…

 इंतजार मुझे इश्क़ के मौसम का

एक लट गाल पे रहने दो

चूड़ी, पायल, विंदिया, काजल, गजरा सब पड़े रहने दो…

खींच केे बाँधों जुल्फ़ों को, और एक लट गाल पे रहने दो …

एक लट गाल पे रहने दो

19 Replies to “बेसब्री से इंतज़ार है बारिश का”

  1. Hai Hopper

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