By | 16th July 2019

तुम्हें महसूस करना चाहता

बारिश की तरह कभी तुम भी बरस जाओ मुझ पर …

मैं बूँद-बूँद तुम्हें महसूस करना चाहता हूँ ।

तुम्हें महसूस करना चाहता

ये बारिश इस तरह मत बरस

ये बारिश इस तरह मत बरस, कि वह आ न सकें ,
उनके आने कें बाद इतना बरस की वह जा न सकें …!

ये बारिश इस तरह मत बरस

इश्क़ से भरी आँखे देखकर

इश्क़ से भरी आँखे देखकर, डाँक्टर ने कहा-

आपको आँखो का ईलाज नहीं, दिल को सुकून चाहिए ।

इश्क़ से भरी आँखे देखकर

तुम्हारे साथ बिताई यादें

ना जाने कब खर्च हो गया, तुम्हारे साथ बिताई हुई हरेक यादें ।

मैं ही परहेज नहीं किया, हर रोज़ एक एक देखता गया ।

 तुम्हारे साथ बिताई यादें

मौसम यूँ ही तन्हा गुजर रहा

कोई तो मौसम तय करो, हमारे मिलन की ,,
हर मौसम यूँ ही तन्हा गुजर रहा …

मौसम यूँ ही तन्हा गुजर रहा

खूबसूरत लगती दूनियाँ तुम्हारे साथ

बहुत खूबसूरत लगती यह दूनियाँ तुम्हारे साथ ।

वहीं, एकदम बेकार लगती यह दूनियाँ तुम्हारे बिना …

 खूबसूरत लगती दूनियाँ तुम्हारे साथ

6 Replies to “बारिश की तरह कभी तुम भी”

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