फिर से तेरी यादों का मेरे दिल में बवंडर

फिर से तेरी यादों का मेरे दिल में बवंडर

एक दूसरे को ओढते है

चलो आज सर्दी का गुरूर तोड़ते है , कम्बल की जगह एक दूसरे को ओढते है।

एक दूसरे को ओढते है

हम भी अलविदा कह देंगे एक दिन

दिसम्बर की तरह हम भी अलविदा कह देंगे एक दिन , फिर ढूंढते फिरोगे हमें जनवरी की हसीन रातों में !!

हम भी अलविदा कह देंगे एक दिन

एक मुलाकात दे जाओ

एक मुलाकात दे जाओ… इस साल के आखिरी महीने में ही सही … एक समय दे जाओ… किसी दिन मिलने का ख्वाब में ही सही ।

एक मुलाकात दे जाओ

तेरी यादों का मेरे दिल में बवंडर

फिर से तेरी यादों का मेरे दिल में बवंडर है…. मौसम वही, सर्दी वही, वही दिलकश दिसंबर है…!!

तेरी यादों का मेरे दिल में बवंडर

जो चुपचाप बैठा था

इस ठिठूरन भरी ठंडी में मेरा शहर थम सा गया है । और जो चुपचाप बैठा था वो बर्फ की तरह जम सा गया है ।

जो चुपचाप बैठा था

बैठी थी, सूरज के इंतजार मे

बैठी थी, सूरज के इंतजार मे , मगर आज कहीं इसका अता पता नहीं । लगता है मेरे शहर में लापता हो गया ।

बैठी थी, सूरज के इंतजार मे

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