Category: दीपावली शायरी

Light of festival

दोनो अनमोल है

दोनो अनमोल है सुनो जी धनतेरस आ रही है तुम मेरा दिल खरीदना और मैं तुम्हारा इश्क़ दोनो अनमोल है

आओ हम साथ मिलकर दिये जलाए ।

आओ हम साथ मिलकर दिये जलाए । नफरत बुझाकर प्यार का प्रकाश फैलाए। नफरत वाली तरु काटकर, इश्क की हरी हरी घास लगाए। आओ हम साथ मिलकर दिये जलाए !!

Diwali festival ?

अमीर बच्चों को कहते सुना दिवाली आ रही हैं,खुब बम पटाखे छोड़ेंगे — और गरीब बच्चों को कहते सुना दिवाली आ रही हैं शायद कुछ दिन अच्छे से गुजरेंगे     ।

बाज़ार की रैानक

बाज़ार कोई धर्म नहीं देखती, चाहे दिवाली हो या फिर ईद , वह हर त्योहार में दुल्हन की तरह सज जाती है ।

किस्मत की दिवाली

वाह रे दुनिया। किस्मत का खेल देखो , कुछ बच्चे बम पटाखे छोड़ते हैं Enjoy के लिए, और  कुछ बच्चे बम पटाखे बनाते हैं  अपने पेट के लिए।

प्यार की दिवाली

हमारे शहर मे तो पहले से ही इतने दीये जल रहे । पर जब उसको दीवाली पे फुलझड़ी जलाते हुए देखा तो मन मैं प्यार के रॉकेट उड़ने लगे।