By | 13th April 2019

तेरे रोज रोज के वादों पे

तेरे रोज रोज के वादों पे मर जायेंगे हम, . यूँ ही चलती रही तो गुजर जायेंगे हम।

तेरे रोज रोज के वादों पे

बहुत ज़ालिम हो तुम मोहब्बत

बहुत ज़ालिम हो तुम भी , भला मोहब्बत कोई ऐसे करता हैं , ए मन, मुझे फुसलाकर खुद नजर मोंङ़ लिए।

 बहुत ज़ालिम हो तुम मोहब्बत

हूई थी मोहब्बत

पुछेगा अगर खुदा तो कह दून्गा …. . हाँ हूई थी मोहब्बत धरती पर , मगर वह नहीं मिली ।

हूई थी मोहब्बत

हम मुस्कुराना छोड़ देँगे

अगर वो खुश है देखकर आँसू मेरी , तो रब की कसम हम मुस्कुराना छोड़ देँगे । तड़पते रहेँगे उसे देखने को, लेकिन उसकी तरफ नज़रेँ उठाना छोड़ देँग !!

हम मुस्कुराना छोड़ देँगे

दिल में कोई हैं

दिल में अगर कोई हैं , तब दर्द होगा ही । इससे बचना लोगों के बस में नहीं !!!

दिल में अगर कोई हैं

चुपचाप बैठा रहा

हाथ पर हाथ रखे चुपचाप बैठा रहा , वह चुपचाप सामने से चली गई ।

चुपचाप बैठा रहा

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