जिंदगी की दर्द तब समझ में आया

जिंदगी की दर्द तब समझ में आया

लोगो को समझ न आया

जिंदगी की दर्द मुझे , तब समझ में आया ! जब साँस रुकने को थी , पर लोगो को समझ न आया ।

लोगो को समझ न आया

“घटा हादशा” इस वक्त

“घटा हादशा” इस वक्त कौन वहाँ धुआं देखने जाए ,,, कल अख़बार में पढ़ लेंगे कहां आग लगी और कहाँ हादशा हुआ …….l

“घटा हादशा” इस वक्त

ताकत दुआओं की

दवाओं की ताकत परखता रहा उम्र भर ,,, मगर दंग रह गए देख कर लोग , ताकत दुआओं की …..l  

ताकत दुआओं की

‘हजारों’ मील तक ‘फैला’ है

समंदर अपनी ‘बेबसी’ किसी से कह नहीं सकता……!! ‘हजारों’ मील तक ‘फैला’ है, फिर भी ‘बह‘ नहीं सकता…….!!!

‘हजारों’ मील तक ‘फैला’ है,

आसमां में ठिकाने नही होते

आसमां में ठिकाने किसी के नही होते । जो ज़मी पर नही होते , वो कही के नही होते  !!!!

 आसमां में ठिकाने नही होते

गरमी किसी की ज्यादा दिन तक नहीं रहती

ठंड पड़ने लगी… और तभी कानों में इतना कहते गुजर रही… गरमी किसी की भी … ज्यादा दिन तक नहीं रहती “मन”……!!

गरमी किसी की भी … ज्यादा दिन तक नहीं रहती

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