चुपचाप गुज़ार देगें तेरे बिना ये ज़िन्दगी

चुपचाप गुज़ार देगें तेरे बिना ये ज़िन्दगी

तेरे बिना भी ये ज़िन्दगी

चुपचाप गुज़ार देगें तेरे बिना भी ये ज़िन्दगी , लोगो को बता देगें , मोहब्बत ऐसे भी होती है ।।।।

तेरे बिना भी ये ज़िन्दगी

फिज़ाओ में घोल दी इतनी मोहब्बत

तुम ही बताओ हम किधर जाए— इन फिज़ाओ में घोल दी इतनी मोहब्बत ,, कहो पी के मर जाए— !!!!

फिज़ाओ में घोल दी इतनी मोहब्बत

जितना रुठना हैं पगली उतना रुठ लो

जितना रुठना हैं पगली उतना रुठ लो , जिस दिन हम रुठ गए तो तू जीना ही भूल जाएंगी।

जितना रुठना हैं पगली उतना रुठ लो

तुम उसके बिना अधूरे हो

ये मौसम ये फिजाए सभी चिल्ला चिल्ला कर कह रहे हैं , तुम्हें किसी की जरूरत है , तुम उसके बिना अधूरे हो।

तुम उसके बिना अधूरे हो

उस लड़की को समझाएँ

कोई उस लड़की को तो समझाएँ , खुद हँसते रहना और किसी को इस तरह इतना तड़पाना ठीक नहीं है ।

उस लड़की को तो समझाएँ

नही था वो मेरे हाथो की लकीरों मे

नही था वो मेरे हाथो की लकीरों मे ,,, फ़िर कुछ यू हुआ , लकीरें मिटानी पड़ी मुझे ।।।

नही था वो मेरे हाथो की लकीरों मे

सवाल जहर का नहीं था

सवाल जहर का नहीं था , वो तो मैं पी गया ,, तकलीफ लोगों को तब हुई , जब मैं फिर भी जी गया.

 सवाल जहर का नहीं था

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