कुछ भी खास नहीं होता इन दिनों

कुछ भी खास नहीं होता इन दिनों

वो पास नही है इन दिनों

अब कुछ भी खास नहीं होता इन दिनों ..!! वो जो पास नही है इन दिनों….!

 वो पास नही है इन दिनों

आँसू बहाऊँ,पाँव पटकूँ

कितना अच्छा होता , बचपन के खिलौने सा कहीं छुपा लूँ तुम्हे , आँसू बहाऊँ,पाँव पटकूँ और पा लूँ तुम्हें ।

आँसू बहाऊँ,पाँव पटकूँ

मुझसे मोहब्बत कर लो

चल रहे हैं जमाने में रिश्वत के सिलसिले … तुम भी कुछ ले दे कर , मुझसे मोहब्बत कर लो….

मुझसे मोहब्बत कर लो

दिल दर्द सहता हैं

तड़प उसी के जिस्मो पर सजता है ‘मन’ जिसकी आँखों में इश्क़ रोता हैं !! और दिल दर्द सहता हैं।

दिल दर्द सहता हैं

पायलों की झनझनाहट

अच्छा नही लगता ये मनहूस अलार्म को सुनकर उठना , काश कोई पायलों की झनझनाहट और चुड़ियो की खनखनाहट से हमे जगाता..

पायलों की झनझनाहट

शक सीधा तुम पर होता

मेरा  घर से  निकलना  होता है … और लोगों का  शक  सीधा तुम पर होता है….. लोग भी कुछ नहीं कहते   जहाँ मोहब्बत होता हैं।

 शक सीधा तुम पर होता

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