By | 11th April 2019

पैमाना होता मौहब्बत नापने का

काश कोई पैमाना होता मौहब्बत नापने का , शान से आते हम भी तेरे सामने शबूत के साथ….!!

पैमाना होता मौहब्बत नापने का

जरा जरा सा दर्द ए दिल

हल्की हल्की सी सर्द हवाएं जरा जरा सा दर्द ए दिल …. ए नवम्बर तेरे आने के… अंदाज अच्छा है

जरा जरा सा दर्द ए दिल

तुम्हारी मासूम सी सूरत

मैं और मेरा दिल , अफसोस दोनो मर गए , तुम्हारी मासूम सी सूरत पर।

तुम्हारी मासूम सी सूरत

सिंगल होना भी

सिंगल होना भी करेले की तरह कड़वा होता है , लेकिन सेहत के लिए अच्छा होता है.

सिंगल होना भी

मोहब्बत किससे कब हो जाये

मोहब्बत किससे कब हो जाये अंदाज़ा नहीं होता , ये वो घर है जिसका कोई दरवाज़ा नहीं होता…!!

मोहब्बत किससे कब हो जाये

उन्हे ‘खुशहाल’ देखकर

वो ‘हाल’ ना पूँछ सके हमें ‘बेहाल’ देखकर , हम अपना ‘हाल’ ना बता सके , उन्हे ‘खुशहाल’ देखकर ।

उन्हे ‘खुशहाल’ देखकर

6 Replies to “काश कोई पैमाना होता मौहब्बत नापने का”

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