By | 8th May 2019

चाँद बिल्कुल आप जैसा

कल रात चाँद बिल्कुल आप जैसा था , वो ही खूबसूरती वो ही नूर वो ही गुरुर , और वैसे ही आप की तरह दूर!!!

चाँद बिल्कुल आप जैसा

ये बारिश तुझे क्या हुआ

ये बारिश तुझे क्या हुआ है , जब भी वो घर से बाहर निकलती है , तू भी उसके स्वागत में बरसने लगता हैं , कहीं तू भी मेरी तरह उनका दिवाना तो नहीं हैं।।।

ये बारिश तुझे क्या हुआ

वह इतनी प्यारी हैं

वह इतनी प्यारी हैं कि भगवान भी उसे देखकर सोचता है , सच में हमें खुद पर नाज हैं , कि मैंने इसे बनाया है।

वह इतनी प्यारी हैं

निकाल दिया तुझे दिल से

चल अब तू अपना हुनर आजमा के दिखा ,,,,,,,,, निकाल दिया तुझे दिल से , अब जगह बना के दिखा …….

 निकाल दिया तुझे दिल से

सामने आईना रख दिया

ज़िद उसकी थी , जल्दी से चाँद देखने की ,, मैंने झट से उसके सामने आईना रख दिया ….

सामने आईना रख दिया

बहुत शिकायतें आती हैं

सुनो…. बहुत शिकायतें आती हैं , तुम्हारे घर से … यूँ ख्वाबों में मेरा नाम ना लिया करो….!

बहुत शिकायतें आती हैं

8 Replies to “कल रात चाँद बिल्कुल आप जैसा था”

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