By | 6th August 2019

आँख खुलते ही ढूँढने निकला

अपने ख्वाबों में जिसने भी तुम्हें देखा होगा
यकीनन
आँख खुलते ही वो, तुझे ढूँढने निकला होगा…

 आँख खुलते ही ढूँढने निकला

उनके मीठे लफ्ज जब बरसते

उनके मीठे लफ्ज जब बरसते है , बनकर बूँदे …

यकीनन मैसम कोई भी हो , मन भीग ही जाता है..!!

उनके मीठे लफ्ज जब बरसते

बरस रही थी बारिश

जमकर बरस रही थी, बारिश बाहर ,,

और वो न जाने कब से, भीग रही थीं अंडर मुझ में।

 बरस रही थी बारिश

बरसात का भरोशा नहीं

बरसात का भरोशा नहीं, कि कब बरस जाए ,,
आओ एक छतरी के नीचे हम दोनों खड़े हो जाए ।।।

बरसात का भरोशा नहीं

बिछड़ने का इशारा

बातो बातो में बिछड़ने का इशारा करके ,,
वो खुद भी रोई बहुत, मुझसे किनारा करके…!!!

बिछड़ने का इशारा

तुम्हारी बातें आज भी जमाने से

सुनों मन ,
तुमसे बातें किए तो जमाना हो गया,
मगर तुम्हारी बातें आज भी जमाने से करता हूँ …

तुम्हारी बातें आज भी जमाने से

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