आज हमारी पृथ्वी की हकीकत

आज हमारी पृथ्वी की हकीकत

आज हमारी पृथ्वी की हकीकत ” हमारी पृथ्वी ” यह नाम हम इंसानों ने ही दिया है। वैसे तो इसका ना सिर्फ ” पृथ्वी ” हैं । जो कुशल , सहनशील , मजबूत , पालनकर्ता हैं। मगर अब यह दिनों दिन एक अबला व कमजोर नारी बन गई हैं। मगर इसमें हौसले अब भी वहीं के वहीं बुलन्द हैं। भला इसने कभी ऐसा सोची भी नहीं होगी कि भविष्य में मेरा जीवन ऐसी भी होगी। हम इंसानों ने इस पर ऐसा रौब दिखा रहे हैं जैसे यह हमारी कोई दासी…

Read More

दुनिया की सच्चाई

अन्जान सफरa

दुनिया की सच्चाई था मैं नींद में और मुझे इतना सजाया जा रहा था…. बड़े प्यार से मुझे नहलाया जा रहा था…. ना जाने था वो कौन सा अजब खेल मेरे घर में…. बच्चो की तरह मुझे कंधे पर उठाया जा रहा था…. था पास मेरा हर अपना उस वक़्त…. फिर भी मैं हर किसी के मन से भुलाया जा रहा था… जो कभी देखते भी न थे मोहब्बत की निगाहों से…. उनके दिल से भी प्यार मुझ पर लुटाया जा रहा था… मालूम नही क्यों हैरान था हर कोई…

Read More

सच्चाई दुनिया की

सच्चाई दुनिया की

सच्चाई दुनिया की ना दिवाली होती, और ना पठाखे बजते ना ईद की अलामत, ना बकरे शहीद होते तू भी इन्सान होता, मैं भी इन्सान होता, …….काश कोई धर्म ना होता…. …….काश कोई मजहब ना होता…. ना अर्ध देते, ना स्नान होता ना मुर्दे बहाए जाते, ना विसर्जन होता जब भी प्यास लगती, नदीओं का पानी पीते पेड़ों की छाव होती, नदीओं का गर्जन होता ना भगवानों की लीला होती, ना अवतारों का नाटक होता ना देशों की सीमा होती , ना दिलों का फाटक होता ना कोई झुठा काजी…

Read More

अन्जान सफर

अन्जान सफरa

अन्जान सफर था मैं नींद में और मुझे इतना सजाया जा रहा था…. बड़े प्यार से मुझे नहलाया जा रहा था…. ना जाने था वो कौन सा अजब खेल मेरे घर में…. बच्चो की तरह मुझे कंधे पर उठाया जा रहा था…. था पास मेरा हर अपना उस वक़्त…. फिर भी मैं हर किसी के मन से भुलाया जा रहा था… जो कभी देखते भी न थे मोहब्बत की निगाहों से…. उनके दिल से भी प्यार मुझ पर लुटाया जा रहा था… मालूम नही क्यों हैरान था हर कोई मुझे…

Read More

हमारी सोच

चूहा अगर पत्थर का हो तो सब उसे पूजते हैं मगर जिन्दा हो तो मारे बिना चैन नहीं लेते हैं.. साँप अगर पत्थर का हो तो सब उसे पूजते हैं मगर जिन्दा हो तो उसी वक़्त मार देते हैं.. माता अगर पत्थर की हो तो सब पूजते हैं, माँ कहते हैं मगर जिन्दा है तो कीमत नहीं समझते। बस यही समझ नहीं आता कि ज़िन्दगी से इतनी नफरत क्यों और पत्थरों से इतनी मोहब्बत क्यों.. ? जिस तरह लोग मुर्दे इंसान को कंधा देना पुण्य समझते हैं काश इस तरह…

Read More

Mahatma Gandhi vs Nathu Ram ghodse

Mahatma Gandhi vs Nathu Ram ghodse

Mahatma Gandhi vs Nathu Ram ghodse Supreme Court से अनुमति मिलने पर प्रकाशित की गयी है…. 60 साल तक भारत में प्रतिबंधित रहा नाथूराम का अंतिम भाषण – “मैंने गांधी को क्यों मारा” 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोड़से ने महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी लेकिन नाथूराम गोड़से घटना स्थल से फरार नही हुआ बल्कि उसने आत्मसमर्पण कर दिया l नाथूराम गोड़से समेत 17 अभियुक्तों पर गांधी जी की हत्या का मुकदमा चलाया गया l इस मुकदमे की सुनवाई के दरम्यान न्यायमूर्ति खोसला से नाथूराम ने…

Read More

Most Read दिल से पढ़िये

Best friend status

Most Read दिल से पढ़िये जिस पल आपकी मृत्यु हो जाती है, उसी पल से आपकी पहचान एक बॉडी बन जाती है। अरे “बॉडी” लेकर आइये, “बॉडी” को उठाइये, “बॉडी” को सुलाइये ऐसे शब्दो से आपको पुकारा जाता है, वे लोग भी आपको आपके नाम से नहीं पुकारते , जिन्हे प्रभावित करने के लिये आपने अपनी पूरी जिंदगी खर्च कर दी। इसीलिए इधर उधर से ज्यादा इक्कठा करने की जरूरत नहीं है। इसीलिए अच्छे से कमाओ, अच्छे से खाओ, और अच्छे से सोओ इसीलिए जीवन मे आने वाले हर चुनौती…

Read More

True Best story Line

True Best story Line

True Best story Line एक मिट्टी की मूर्तियां बनाने वाला (कुम्हार) ईश्वर से कहता है….._ _”हे प्रभु तू भी एक कलाकार है और मैं भी एक कलाकार हूँ,_ _तूने मुझ जैसे असंख्य पुतले बनाकर इस धरती पर भेजे हैं,_ _और मैंने तेरे असंख्य पुतले बना कर इस घरती पर बेचे हैं।_ _पर ईश्वर उस समय बड़ी शर्म आती है, जब तेरे बनाये हुए पुतले आपस में लड़ते हैं_, _और मेरे बनाये हुए पुतलों के सामने लोग शीश झुकाते हैं”_.. ध्यान से पढ़े कितना बड़ा सच है.

Read More

डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम

डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम

डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम की चन्द लाईनें जो हमे जीवन में हमेशा याद रखनी चाहिए। और हो सके तो उसे अमल भी करना चाहिये। 1. जिदंगी मे कभी भी किसी को बेकार मत समझना,क्योक़ि बंद पडी घडी भी दिन में दो बार सही समय बताती है। 2. किसी की बुराई तलाश करने वाले इंसान की मिसाल उस मक्खी की तरह है जो सारे खूबसूरत जिस्म को छोडकर केवल जख्म पर ही बैठती है। 3. टूट जाता है गरीबी मे वो रिश्ता जो खास होता है, हजारो…

Read More