अगर वह मुझसे कभी पूछे

अगर वह मुझसे कभी पूछे

ताजमहल के बाद


अगर वह  मुझसे कभी अपनी जिंदगी के बारे में सलाह मांगों ,

तो मैं अपनी एक छोटी सी सलाह जरूर दूंगा ।

सिर्फ इतना ही कहूंगा उसे  ,

कि “ताजमहल के बाद सिर्फ तुम ही बची हो”

खुद का ख्याल रखना !!!

 

अगर वह  मुझसे कभी अपनी जिंदगी के बारे में सलाह मांगों ,

तुम आशिक बहुत पुराने

वर्षों बाद “दो लफ्ज” लिखे उसकी यादों में , पूरी महफिल कहने लगी , तुम आशिक बहुत पुराने हो !!….!!

तुम आशिक बहुत पुराने

हर बार नज़रें चुरा लेती वो

मुझसे हर बार नज़रें चुरा लेती है वो !! मैंने कागज़ पर भी बना कर देखा हैं आँखें उसकी !!……!!

 हर बार नज़रें चुरा लेती है वो

कभी गुजरे मेरी गलियों से

किसी दिन गुजरे मेरी गलियों से    रोज घंटों खड़ा होकर देखता रहता हूँ अपनी बालकनी से ,,, किसी भी दिन तो वह गुजरे , कभी मेरी गलियों से …।।।

गुजरे मेरी गलियों से

एक नज़र तुम्हें देखा

पहले सौ बार इधर और उधर देखा है … तब कहीं डर डर के एक नज़र तुम्हें देखा है …

एक नज़र तुम्हें देखा

तुम्हारी यादें मेरे दिल से

रोज निकलती है तुम्हारी यादें मेरे दिल से … लगता है इसका औऱ कही ठिकाना नहीं ।

तुम्हारी यादें मेरे दिल से

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