By | March 15, 2019
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जिस दिन तुझे देखा

ज़िन्दगी बहुत ख़ूबसूरत है , सब कहते थे।

जिस दिन तुझे देखा , यकीन भी हो गया …

 जिस दिन तुझे देखा


उसकी और मेरी मोहब्बत

मंदिर मस्ज़िद जैसी थी उसकी और मेरी मोहब्बत…

कितना भी चाहा पर एक ना हो सके ….

उसकी और मेरी मोहब्बत

मेरी आत्मकथा

किताब का नाम था मेरी आत्मकथा ,,

पर हर पन्ने पर था ज़िक्र सिर्फ तेरा ।।।

मेरी आत्मकथा

मेरी Favorite हो

बुलेट की धक् धक् … और तेरी बक बक …

तुम दोनों ही मेरी Favorite हो …

मेरी Favorite हो

उनके सामने मेरा नाम

कौन कहता है कि वो मुझसे बिछड़कर खुश है

जरा उनके सामने मेरा नाम लेकर तो देखना ।।

उनके सामने मेरा नाम

चोट एक फूल से लग जायेगी

कांटो से बच बच के चलता रहा उम्र भर…

क्या खबर थी की चोट एक फूल से लग जायेगी …

चोट एक फूल से लग जायेगी

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