By | March 7, 2019
Spread the love

 

सच्ची महिला दिवस तब मनाई जाएगी ,,

जब महिलाए खुद बोले कि

हम सब अब सुरक्षित है , और

बेफिक्र होकर रह सकते है ….

 

पुरुषों ने अपना इरादा नहीं बदला ,

तब महिलाओ ने हि अपना इरादा बदल लिया ,,

और पुरषों से डर डर कर जीना छोड़ दिया …..

 

अगर आप किसी संमाज के बारे में

जानना चाहते है … तब आप यह

जांनने कि कोशिश करे कि ,,

उस समाज में महिलाओ के प्रति

कैसा व्यवहार है ….

अगर आप यह जान गए , तब आप

भली भाती उस समाज को भी जान जाएगे ….

 

आओ हम सब मिलकर एक ऐसा समाज बनाए ,

जहाँ पुरुष हो चाहे महिलाए ,,

सबको एक सामान हक दिलाए ….

 

क्या हमारे समाज कि हवाए ,

इतनी जहरीली हो गई हो गई है कि ,,

आज 8 महीने कि बच्ची से लेकर 80 साल तक कि

औरते तक हमारे हमारे समाज में सुरक्षित नहीं है ….

आखिर इसकी क्या वजह है ???

यह मसला कही न कही हमारे मानसिक दशाओ से जुड़ा है …

और इसमें परिवर्तन लाना बहुत जरुरी है …..

 

क्यों औरतो के हिस्सों में इतवार नहीं आता ,

हरदम उनके हिस्से में भागमभाग हि आता …

दिन चाहे कोई भी हो , सुबह से लेकर शाम ,,

बस काम हि आता …

क्यों औरतो के हिस्सों में आराम नहीं आता ,,

क्यों औरतो के हिस्सों में इतवार नहीं आता….

समाज में महिलाओ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *