By | November 12, 2017
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Todays World Hindi fact story


बर्तन का व्यापारी परिवार के लिये जूते ऑनलाइन खरीद रहा है,

जूते का व्यापारी परिवार के लिये मोबाइल ऑनलाइन खरीद रहा है,

मोबाइल का व्यापारी परिवार के लिए कपडे ऑनलाइन खरीद रहा है,

कपड़े का व्यापारी परिवार के लिये घड़ी ऑनलाइन ख़रीद रहा है,

घडी का व्यापारी घर के लिये अनेकों इलेक्ट्रॉनिक सामान ऑनलाइन ख़रीद रहा है,

इलेक्ट्रानिक का व्यापारी बच्चों के लिए खिलोने ऑनलाइन ख़रीद रहा है,

खिलोने का व्यापारी घर के लिये बर्तन ऑनलाइन खरीद रहा है,

और ये सब रोज सुबह अपनी-अपनी दुकान खोलकर अगरबत्ती लगाकर भगवान से  प्रार्थना कर रहे है कि आज धंदा अच्छा हो जाये , हे भगवान इस बार दिवाली सीज़न पर अच्छी बिक्री हो जाये । कहाँ से होगी बिक्री ?

खरीददार आसमान से नहीं आते हमही एक दूसरे का सामान खरीदकर बाजार को चलाते हैं  क्योकिं हर व्यक्ति कुछ न कुछ बेंच रहा है और हर व्यक्ति खरीददार भी है ।

ऑनलाइन खरीदी करके आप भले 50-100 रु की एक बार बचत कर लें लेकिन इसके नुकसान बहुत है क्योंकि ऑनलाइन खरीदी से सारा मुनाफा बड़ी बड़ी कंपनियों को जाता है जिनमे काफी विदेशी कंपनियां भी हैं ।

ये कम्पनियाँ मुठ्ठीभर कर्मचारियों के बल पर बाजार के एक बहुत बड़े हिस्से पर कब्जा कर लेती हैं। ये कम्पनियां ना सर्फ बेरोजगारी पैदा कर रही है बल्कि इनके द्वारा कमाये गये मुनाफे का बहुत छोटा हिस्सा ही पुनः बाजार में आता है ।

यदि आप सोचते हैं कि मैं तो कोई दुकानदार नहीं हूं और ना ही व्यापारी , मैं तो नौकरी करता हूँ ऑनलाइन खरीदी से मुझे सिर्फ फायदा है नुकसान कोई नहीं तो आप सरासर गलत हैं क्योकि जब समाज में आर्थिक असमानता बढ़ती है या देश का पैसा देश के बाहर जाता है तो देश के हर व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उसका नुकसान उठाना पड़ता है चाहे वह अमीर हो या गरीब, व्यापारी हो या नौकरी करने वाला, दुकानदार हो या किसान हर कोई प्रभावित होता है ।

अभी भी समय है अपने आपको, अपने परिवार को, बाकी दुकानदारों को ऑनलाइन और बड़े बड़े शॉपिंग मॉल से ख़रीद करने से रोकें और उन्हें समझाएं नहीं तो आगे और भी मुश्किल परिस्थिति होनी वाली है ।

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