Tag: love story

बारिश की तरह कभी तुम भी

तुम्हें महसूस करना चाहता बारिश की तरह कभी तुम भी बरस जाओ मुझ पर … मैं बूँद-बूँद तुम्हें महसूस करना चाहता हूँ । ये बारिश इस तरह मत बरस ये बारिश इस तरह मत बरस, कि वह आ न सकें , उनके…Read More »

वो अक्सर पूछा करती थी

मैं अक्सर कहा करता था वो अक्सर पूछा करती थी, क्या कर रहे हो ??? मैं अक्सर कहा करता था कुछ भी नही , सिवाय तुम्हें याद करने के … जहाँ हम अक्सर मिला करते अक्सर , घंटो ठहर कर देखता हूँ…Read More »

दिल हर रोज़ पूछता है

मैं रोज़ कहता हूँ दिल हर रोज़ पूछता है,, तेरे बारे में … मैं रोज़ कहता हूँ … बस आती होगी … तेरा मामला खुदा पर छोड़ दिया दवा से मुस्किल का हल न हुआ , तो दुआ पर छोड़ दिया …!!!…Read More »

कितना हसीन बहाना मिला

मेहंदी से भरे दोनो हाथ कितना हसीन बहाना मिला, वो मेहंदी से भरे दोनो हाथ दिखाकर बोले … जरा मेरे बालों को कानो के पीछे लगा दीजिये न … तेरा महबूब कहाँ है हम गुजरे भी तो किस गली से …?शहर की…Read More »

उन झुकी निगाहों से भी चोट लगता

देखकर भी अनदेखा कर देता उन झुकी निगाहों से भी चोट लगता है “मन” !!! जो हर बार देखकर भी अनदेखा कर देता है “मन” ।।। यूं ही चलते चलते यूं ही चलते चलते जो आवाज दी थी न तुमने… कदमों की…Read More »

अगर इशारों में ही बातें करनी थी

अपनी आँखों को सजाते अगर इशारों में ही बातें करनी थी , तो पहले बताते । हम अपनी शायरी को नही, अपनी आँखों को सजाते !!! जब भी मैं टूटता हूँ जब भी मैं टूटता हूँ, तुम्हे ही ढूंढता हूँ । कभी…Read More »

हे राधा पुकार लो हमारा नाम

कोई आवाज नहीं की हे राधा पुकार लो नाम हमारा.. _कब से हम तुम्हारे है.. कोई आवाज नहीं की.. चुपके से तुमपे दिल हारे है….!!! हे राधा बहुत ढूंढा है तुम्हें हे राधा बहुत ढूंढा है तुम्हें ख़्वाबों ख़्यालों में. पर जानते…Read More »

गरीब आदमी कि दर्द

वृद्धाश्रमों में किस की “मां” चारों तरफ “जय माता दी-जय माता दी” छाई हुई है… फिर ये वृद्धाश्रमों में किस की “मां” आई हुई है …? फुटपाथ पर सो जाता कोई चादर समझ के खींच ना ले फिर से ‘ इसलिए मैं…Read More »

दिल में माँ-बाप के

जब बच्चे कहते हैं दिल में माँ-बाप के हजारों सुईया चुभ जाती हैं। जब बच्चे कहते हैं , तुमने आज  तक मेरे लिए किया ही क्या है  !!! माँ नहीं रहती तो घर खाली सा लगता घल में चाहे कितने भी लोग…Read More »

मेरी मां तो आज तक

रोटी एक मागता हूँ दो दे देती मेरी मां तो आज तक अनपढ़ हैं । खाते समय रोटी एक मागता हूँ तो दो लाकर दे देती हैं। सन्नाटा छा गया सन्नाटा छा गया बटवारे के किस्से में । जब बुढि मां ने…Read More »