By | March 15, 2019
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मोहब्बत किससे कब हो जाये

मोहब्बत किससे और कब हो जाये अदांजा नहीं होता ….

ये वो घर है , जिसका दरवाजा नहीं होता…

मोहब्बत किससे और कब हो जाये

तुझे वास्ता है मेरे प्य़ार का

तुझमें छुपे हैं मेरी जिन्दगी के हजारों राज ,,

पगली तुझे वास्ता है मेरे प्य़ार का, जरा खुद का ख्याल रखा कर |

तुझे वास्ता है मेरे प्य़ार का

ये मेरे हसीन परी

ये मेरे हसीन परी , मेरी मानों तो आज तुम घर से बाहर न निकलना,

कहीं मेरे मुस्लिम भाई तुम्हें ”चान्द” समझकर, अपना रोजा न तोड़ दे।

ये मेरे हसीन परी

जो “तुमसे”है

”इश्क़” का तो पता नहीं ,, पर जो “तुमसे”है !

“वह” किसी और से नहीं …

जो “तुमसे”है

मेरी आँखो ने पकड़ा

मेरी आँखो ने पकड़ा है उन्हे कई बार रंगे हाथ…

वो इश्क करना तो चाहते है, मगर घबराते बहुत है…

मेरी आँखो ने पकड़ा

मोहब्बत भी करता हूँ

वो कहने लगी सुना है शायरी करते हो…

उन्हें कैसे बतलाउं मोहब्बत भी करता हूँ… तुमसे बेशुमार ।।

मोहब्बत भी करता हूँ

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