By | March 17, 2019
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kIRAN BEDI किरण बेदी का जन्म 9 जून 1949 को अमृतसर में, पिता प्रकाशलाल पेशावरिया तथा माँ प्रेमलता के घर में हुआ था । किरण बेदी ने स्कूल से लेकर ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई अमृतसर में ही की । उन्होंने पोलेटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री पंजाब यूनिवर्सिटी से प्राप्त की । दिल्ली यूनिवर्सिटी से उन्होंने कानून की डिग्री LLB ली और वर्ष 1993 में उन्हें आई.आई.टी. दिल्ली के सोशल साइंस विभाग से इसी विषय में पी.एच.डी. (डाक्ट्रेट) की उपाधि मिली ।
अपनी पढ़ाई के दौरान किरण बेदी एक मेधावी छात्रा तो थीं ही, लेकिन टेनिस उनका जुनून था । वर्ष 1972 में उन्होंने एशिया की महिलाओं की लान टेनिस चैंपियनशिप जीती थी और इसी वर्ष उनका इण्डियन पुलिस अकादमी में प्रवेश हुआ था, जहाँ से 1974 में वह पुलिस अधिकारी के रूप में बाहर आई थीं । पुलिस सेवा में आने के पहले 1970 से 1972 तक किरण बेदी ने अध्यापन में बतौर लेक्चरर अपना काम शुरू किया था और इस बीच प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी करती रही थीं ।

        पुलिस सेवा के दौरान किरण बेदी ने बहुत से महत्त्वपूर्ण पद सम्भाले और कठिन काम कर दिखाए । 1977 में उन्होंने इण्डिया गेट दिल्ली पर अकाली और निरंकारियों के बीच उठ खड़े हुए सिख उपद्रव को जिस तरीके से नियन्त्रित किया वह पुलिस विभाग के रेकार्ड में एक मिसाल है । 1979 में वह पश्चिमी दिल्ली की डी.सी. पुलिस थीं ।
        
        किरण बेदी एक भारतीय राजनेता, सामाजिक कार्यकर्त्ता, भूतकालीन टेनिस खिलाडी और रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर है. किरन बेदी 1972 में पुलिस सर्विस(आईपीएस) में शामिल हुई, और भारत की पहली महिला अधिकारी बनी.

        एक किशोर की तरह, बेदी 1966 में राष्ट्रीय कनिष्ट टेनिस चैंपियन बनी. 1965 से 1978 के बिच उन्होंने कई सारे राष्ट्रीय और राज्य पुरस्कार जीते. आईपीएस में शामिल होने के बाद किरन बेदी ने दिल्ली, गोवा और मिजोरम में सेवा की. उन्होंने अपना कार्यकाल पुलिस आयुक्त प्रतिनिधि (DCP) की तरह चाणक्यपुरी, दिल्ली से शुरू किया, और 1979 में राष्ट्रपति पुलिस मैडल जीता. बाद में वे पश्चिम दिल्ली गयी, जहा उन्होंने दिल्ली में हो रहे महिलाओ पर अत्याचारों को कम किया. इसके बाद, एक ट्रैफिक पुलिस की तरह, उन्होंने 1982 में दिल्ली में हो रहे एशियाई खेलो की निगरानी की. उत्तरी दिल्ली के DGP की तरह, उन्होंने ड्रग्स और दुर्व्यवहार के खिलाफ अपना अभियान जारी किया, जो बाद में नवज्योति दिल्ली पुलिस फाउंडेशन(2007) में मिला.

        मई 1993 में, उन्हें दिल्ली कारागार में इंस्पेक्टर जनरल (IG) की तरह भेजा गया. जहा तिहार जेल में उन्होंने कई सुधार भी किये, जहा उनके इस प्रयत्न के लिए उन्हें 1994 में रमण मेगसेसे पुरस्कार दिया गया. 2003 में, किरन बेदी पहली महिला बनी जिसे यूनाइटेड नेशन ने नागरिक पुलिस सलाहकार हेतु नियुक्त किया. लेकिन उन्होंने 2007 में इससे इस्तीफा दे दिया, ताकि वे सामाजिक गतिविधियों और लेख लिखने में ध्यान लगा सके.

        किरण बेदी का 1993 का कार्यकाल उनके लिए बहुत महत्त्वपूर्ण कहा जाता है । वह आई.जी. प्रिजन्स के रूप में जेलों की अधिकारी बनी । उन्होंने इस दौरान देश की एक बहुत बड़ी जेल तिहाड़ को आदर्श बनाने का फैसला किया । इस दौर में उन्होंने अपराधियों का मानवीयकरण शुरू करने के कदम उठाए । उन्होंने कहा कि वह जेल को आश्रम में बदल देंगी । किरण बेदी ने वहाँ योग, ध्यान, खेल-कूद सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ पढ़ने-लिखने की भी व्यवस्था की । नशाखोरी को इंसानी ढंग से नियन्त्रण में लाया गया । इस जेल के करीब दस हजार कैदियों में अधिकतर कैदी तो ऐसे थे, जिन पर कोई आरोप भी नहीं लगा था और वह बरसों से बन्द थे । उनके शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक विकास पर भी किरण बेदी ने ध्यान दिया । कैदियों ने जेल के भीतर से परीक्षाएँ दीं और योग्यता बढ़ाई । जेल में कविता तथा मुशायरों के जरिये कैदियों को एक नयापन दिया गया । किरण को उनके इस काम के लिए बहुत सराहना मिली । अभी किरण बेदी ने पुलिस विभाग के इण्डियन ब्यूरो ऑफ रिसर्च एण्ड डवलपमेंट में डायरेक्टर जनरल का पद सम्भाला है । वह संयुक्त राष्ट्र संघ के ‘पीस कीपिंग’ विभाग की पुलिस एडवाईज्र भी हैं ।

Indian Police Service career

        अब Kiran Bedi किरण बेदी में कई सीनियर सिविल सर्वेंट से प्रभावित होकर पब्लिक सर्विस करियर में जाने का फैसला किया था | 16 जुलाई 1972 को किरण बेदी ने मसूरी के “नेशनल अकादमी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन” से अपनी पुलिस प्रशिक्षण शुरू किया था | उनके बैच में वो अकेली महिला था जो बाद में भारत की पहली महिला  IPS officer बनी | इसके बाद उनको 6 महीने का फाउंडेशन कोर्स किया जिसमे उनको प्रशिक्ष्ण माउंट आबू में दिया गया था | इसके बाद ट्रेनिंग के लिए उनको पंजाब पुलिस भेजा गया था |

किरण बेदी की पहली पोस्टिंग 1975 में दिल्ली के चाणक्यपुरी सबडिवीज़न में हुयी थी | इसी साल वो गणतंत्र दिवस की परेड में पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बनी थी | इसी साल सितम्बर 1975 में उनकी पहली बेटी सुकृति का जन्म हुआ था |  चाणक्यपुरी उस समय समृद्ध क्षेत्र था क्योंकि देश के सारे बड़े सरकारी भवन उसके नजदीक थे इसलिए अपराध भी ज्यादा नही होता था | 1978 में अकाली दल और निरंकारी दल के बीच तनाव हो गया था जिसको रोकने के लिए किरण बेदी ने अपनी टुकड़ी भेजी थे |

प्रथम महिला अधिकारी

        किरण बेदी भारतीय पुलिस सेवा (आई.पी.एस) में आने वाली देश की पहली महिला अधिकारी हैं। भारतीय पुलिस सेवा में पुलिस महानिदेशक (ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट) के पद पर पहुँचने वाली किरण एकमात्र भारतीय महिला थीं, जिसे यह गौरव हासिल हुआ। किरण बेदी ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस चीफ, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, मिज़ोरम, इंस्पेक्टर जनरल ऑफ प्रिज़न, तिहाड़, स्पेशल सेक्रेटेरी टू लेफ्टीलेन्ट गवर्नर, दिल्ली, इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, चंडीगढ़, जाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस ट्रेनिंग, स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस इंटेलिजेन्स, यू.एन. सिविलियन पुलिस एड्वाइजर, महानिदेशक, होम गार्ड और नागरिक रक्षा, महानिदेशक, पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो जैसे पदों पर भी कार्य कर चुकी हैं। किरण डीआईजी, चंडीगढ़ गवर्नर की सलाहकार, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में डीआईजी तथा यूनाइटेड नेशन्स में एक असाइनमेंट पर भी कार्य कर चुकी हैं।

प्रमुख पद
दिल्ली यातायात पुलिस प्रमुख
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्युरो
डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलीस, मिज़ोरम
इंस्पेक्टर जनरल ऑफ प्रिज़न, तिहाड़
स्पेशल सेक्रेटेरी टू लेफ्टीलेन्ट गवरनर, दिल्ली
इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस , चंडीगढ़
जाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस ट्रेनिंग
स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस इंटेलिजेन्स
यू.एन. सिविलियन पुलिस एड्वाइजर
महानिदेशक, होम गार्ड और नागरिक रक्षा
महानिदेशक, पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो

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