By | March 26, 2019
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वो जो आया शहर में

हर गली अच्छी लगी, एक एक घर अच्छा लगा ,,

वो जो आया शहर में , तो शहर भर अच्छा लगा …

वो जो आया शहर में

ऐसी भी कोई खूबसूरत रात हो

काश ऐसी भी कोई खूबसूरत रात हो ,

एक चाँद आसमान मे , ‘और’ एक मेरे साथ हो..!!

ऐसी भी कोई खूबसूरत रात हो

उफ !! ये गर्मी

कभी वो हमें देखते … कभी हम उन्हें देखते.. . .

दिल तो पिघला ही मेरी , आइसक्रीम भी पिघल गई … उफ !! ये गर्मी

 उफ !! ये गर्मी

अपना दिल बांध आया

दरगाह पर आज धागा ख़त्म हो गया था ऐ जान —

अपना दिल बांध आया हूँ तुम्हारे लिए…

अपना दिल बांध आया

तेरी तस्वीर चूम लेते

जब मन करता है रात मे मीठा खाने का ,

हम चुपके से उठकर तेरी तस्वीर चूम लेते है !!

तेरी तस्वीर चूम लेते

मेरे जैसा ही क्यों चाहिए

उसने जाते वक्त बोल रही थी , जाओ जाओ तुम्हारे जैसे बहुत मिलेंगे ,,

मैंने भी पूछ ही लिया , तुम्हें मेरे जैसा ही क्यों चाहिए …

 मेरे जैसा ही क्यों चाहिए।

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