By | March 15, 2019
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तेरे दीदार की ख्वाहिश

दिल ने आज फिर तेरे दीदार की ख्वाहिश रखी है ,,

अगर फुरसत मिले तो ख्वाबों मे आ जाना …

तेरे दीदार की ख्वाहिश

तेरी सूरत को जब से देखा है

तेरी सूरत को जब से देखा है मेरी आँखों ने …

तब से मेरी आखों पे लोग मरने लगे है…

तेरी सूरत को जब से देखा है

आँखे बहुत खुबसूरत हैं

उन्होंने मुझसे कहा आपकी आँखे बहुत खुबसूरत हैं ,,

मैंने कहा ये तेरा ख्वाब जो देखती हैं …

आँखे बहुत खुबसूरत हैं

हमारी चाहत ही इतनी थी

कसूर नहीं इसमें कुछ भी उनका ,,

हमारी चाहत ही इतनी थी कि उन्हें गुरूर आना ही था ,,,

हमारी चाहत ही इतनी थी

ताजमहल नहीं बनवाता

कुछ तो बात है चाहत में जनाब

वर्णा किसी मरे हुए की याद में, कोई ताजमहल नहीं बनवाता …

ताजमहल नहीं बनवाता

दिल ने पसंद किया

आँखों ने तुझे देखा था , और दिल ने पसंद किया…

बता आँखे निकाल दूँ , या सीने से दिल …

दिल ने पसंद किया

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