Category: Bewafa Shayari

Chupa kar nazare kaha ja rahi

Chupa kar nazare छुपा कर नजरे कहाँ जा रही ,, तुम्हे देखने के लिए सारी गली तरस रही …। Apne ap me ek mahfil hu मुझे अकेला समझने की भूल कतई न करना ,, मैं अपने आप में एक हँसता हुआ महफिल…Read More »

आज अजीब किस्सा देखा हमने

एक शख्स ने मोहब्बत कर लिया आज अजीब किस्सा देखा हमने खुदकुशी का ।।। एक शख्स ने ज़िन्दगी से तंग आकर मोहब्बत कर लिया ।।। खिलखिलाऊँगी तुम्हारे सम्मुख तुम हृदय से पुकारना मुझे, मैं वहाँ भी निकल कर , खिलखिलाऊँगी तुम्हारे सम्मुख…Read More »

हम बैठे है मोहब्बत के इन्तेजार मै

मोहब्बत के इन्तेजार हम तो बैठे है किसी से मोहब्बत के इन्तेजार मै ,, कमबख्त हमारे इश्क के काबिल कोई मिले तो सही…. चाहत थी उनके साथ जीने की एक चाहत थी उनके साथ जीने की दोस्तों , वरना पता तो हमे…Read More »

वो साथ रहती तो शायद बदल भी जाता मैं

छोड़कर उसने मुझे वो साथ रहती तो शायद बदल भी जाता मैं , छोड़कर उसने मुझे और आवारा कर दिया … कैसा नसीब पाया है मैंने प्यार का न जाने कैसा नसीब पाया है मैंने प्यार का , उसका दिल ही नहीं…Read More »

मैं उससे बातें करने के लिए तडपता हूँ

दूसरों से हस कर बातें करती मैं उससे बातें करने के लिए तडपता हूँ ,, और वो दूसरों से हस हस कर बातें करती हैं। हमारी तरह चाहने वाला मोहब्बत का क्या है वो तो तुम किसी से भी कर लोगे.. पर…Read More »

मैंने भी किसी से प्यार किया था

किसी से प्यार किया था मैंने भी किसी से प्यार किया था , मेरी सारी खुशियाँ हरवक्त उसके चारों ओर घूमती थी , पर उनके लिए मैं कुछ भी नहीं था। तेरा ही ज़िक्र करूँगा किताब जब भी लिखूँगा अपनी बर्बाद ज़िंदगी…Read More »

हुस्न वाले जब तोड़ते है दिल

तोड़ते है दिल किसी का हुस्न वाले जब तोड़ते है दिल किसी का ,, तो बडी सादगी से कह देते है , कि मजबूर थे हम ll उनसे बिना मिले हुए मुझे उनसे बिना मिले हुए कईक दिन गुजर जाते हैं ,…Read More »

तेरे होटो मैं भी क्या खूब नशा है

तेरे ही झुटे पानी से शराब बनती तेरे होटो में भी क्या खूब नशा है ” ऐ मन ” …।। ऐसा लगता है की तेरे ही झुटे पानी से शराब बनती है l मत रूठना कभी हमसे मत रूठना कभी हमसे ”ऐ…Read More »

मिल जाएगा कोई ना कोई

शहर तो बेवफा हो नहीं सकता मिल ही जाएगा कोई ना कोई टूट के चाहने वाला, अब शहर का शहर तो बेवफा हो नहीं सकता। आखिर तुम सोचती क्या थी हैरान नहीं हूं मैं तुम्हारे फैसलों से. बस ये सोच के डर…Read More »

छुपकर उसे अपने खिड़कीयो से देख

छुपकर उसे देख रहा था मैं छुपकर उसे अपने खिड़कीयो से देख रहा था । वह बिना देखे बड़े शान से मेरे मुहल्ले से गुजर रही थी। तुम्हें नाराज होने के डर से तुम्हें नाराज होने के डर से हम लिखते नहीं…Read More »