Category: इतिहास कालिन व्यक्ति जीवनी

KHUDIRAM BOSE

जन्म: 3 दिसंबर, 1889, हबीबपुर, मिदनापुर ज़िला, बंगाल मृत्यु: 11 अगस्त, 1908, मुजफ्फरपुर कार्य: भारतीय क्रन्तिकारी भारत विरो की भूमि हैं, यहाँ हर पल कई वीर जन्म लेते हैं। जिनमे से कुछ वीर बहुत कम ज़िन्दगी जी पाते हैं, मगर उन्ही कम समयों में ही…Read More »

समाज सुधारक राजा राममोहन राय

            समाज सुधारक राजा राममोहन राय को भारतीय पुनर्जागरण का अग्रदूत और आधुनिक भारत का जनक कहा जाता है। भारतीय सामाजिक और धार्मिक पुनर्जागरण के क्षेत्र में उनका विशिष्ट स्थान है। वे ब्रह्म समाज के संस्थापक, भारतीय…Read More »

शाहजहाँ मुग़ल शहंशाह

शाहजहाँ पांचवे मुग़ल शहंशाह था। शाह जहाँ अपनी न्यायप्रियता और वैभवविलास के कारण अपने काल में बड़े लोकप्रिय रहे। किन्तु इतिहास में उनका नाम केवल इस कारण नहीं लिया जाता। शाहजहाँ का नाम एक ऐसे आशिक के तौर पर लिया जाता है…Read More »

महाराजा हरिश्चन्द्र

महाराजा हरिश्चन्द्र ;- सत्य की चर्चा जब भी कही जाएगी, महाराजा हरिश्चन्द्र का नाम जरुर लिया जायेगा. हरिश्चन्द्र इकक्षवाकू वंश के प्रसिद्ध राजा थे. कहा जाता है कि सपने में भी वे जो बात कह देते थे उसका पालन निश्चित रूप से…Read More »

समुद्रगुप्त गुप्त राजवंश

समुद्रगुप्त (राज 335-380) गुप्त राजवंश के चौथे राजा और चन्द्रगुप्त प्रथम के उत्तरधिकरी थे। वे भारतीय इतिहास में सबसे बड़े और सफल सेनानायक में से एक माने जाते है। समुद्रगुप्त, गुप्त राजवंश के तीसरे शासक थे, और उनका शासनकाल भारत के लिये…Read More »

महाराजा रणजीत सिंह

महाराजा रणजीत सिंह ;- सिख शासन की शुरुवात करने वाले रणजीत सिंह ने उन्नीसवी सदी में अपना शासन शुरू किया, उनका शासन पंजाब प्रान्त में फैला हुआ था और उन्होने दल खालसा नामक एक संगठन का नेतृत्व किया था. उन्होने छोटे गुटों…Read More »

हुमायूँ मुगल शासक

हुमायूँ एक महान मुगल शासक थे। प्रथम मुग़ल सम्राट बाबर के पुत्र नसीरुद्दीन हुमायूँ (६ मार्च १५०८ – २२ फरवरी, १५५६) थे। यद्यपि उन के पास साम्राज्य बहुत साल तक नही रहा, पर मुग़ल साम्राज्य की नींव में हुमायूँ का योगदान है।…Read More »

पेशवा बाजीराव Peshawa Bajirao

पेशवा बाजीराव Peshawa Bajirao बाजीराव का जन्म ब्राह्मण परिवार में बालाजी विश्वनाथ के पुत्र के रूप में कोकणस्थ प्रान्त में हुआ था, जो छत्रपति शाहू के प्रथम पेशवा थे। २० वर्ष की आयु में उनके पिता की मृत्यु के पश्यात शाहू ने…Read More »

राजा पुरुवास या राजा पोरस के जीवनगाथा

राजा पुरुवास या राजा पोरस का राज्य पंजाब में झेलम से लेकर चेनाब नदी तक फैला हुआ था। वर्तमान लाहौर के आस-पास इसकी राजधानी थी। राजा पोरस (राजा पुरू भी) पोरवा राजवंश के वशंज थे, जिनका साम्राज्य पंजाब में झेलम और चिनाब…Read More »

NANA SHAHEB नाना साहेब

NANA SHAHEB नाना साहेब शिवाजी के शासनकाल के बाद के सबसे प्रभावशाली शासकों में से एक थे। उन्हें बालाजी बाजीराव के नाम से भी संबोधित किया गया था। 1749 में जब छत्रपति शाहू की मृत्यु हो गई, तब उन्होंने पेशवाओं को मराठा…Read More »