By | January 20, 2020
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इतंजार,

Aate hue log Hindustan Newspaper

हर किसी का कयामत को इतंजार होता हैं ,

यहाँ हर कोई वक्त का शिकार होता हैं ।

क्या पंछी क्या पर्वत क्या हवा ओ खुशबू ,

जो दिल में बस जाए वही प्यार होता हैं ।

मैं नाहक डरता हूँ चेहरे के दागों से शायद ,

तुम हर हाल में चाहोगे ऐतबार होता हैं ।

बडे. दुशवार होते हैं मोहब्बत के रास्ते भी ,

जिसे दरवाजा होना चाहिए वही दीवार होता हैं ।

झुक कर सलाम करों मोहब्बत के मारों को ,

उनका दिल यारो मोहब्बत का मजार होता हैं ।

विक्रांत , दरभंगा [बिहार]

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