By | March 1, 2019
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उसकी भी हालत , मेरे जैसी

मैं कैसे मान लूं , कि उसे मुझसे मुहब्बत नही थी । बिछड़ते वक़्त उसकी भी हालत , मेरे जैसी ही थी !!!

उसकी भी हालत , मेरे जैसी

रोज रोज सुबह

हंसती है बहुत , वो हर एक शक्स के सामने ….. फिर तकिये को रोज रोज सुबह क्यों सुखाती है !!!

रोज रोज सुबह

वो हाथ जोड़े खड़ी थी

मैं मन्दिर गया था , उसे दुआ में माँगने के लिये … मगर वो वहाँ पहले से ही हाथ जोड़े खड़ी थी , किसी और के लिये !!!

 वो हाथ जोड़े खड़ी थी

एक “मुहब्बत”

जब बदल जाता है वक़्त के साथ सब कुछ …. मगर फिर भी क्यों.. कहीं जिंदा रह जाती है एक “मुहब्बत” !!!

  एक “मुहब्बत''

तू उसे भी मेरा ना कर सका

चुल्लू भर पानी मे डूब मर ए मोहब्बत … एक शक्श था , तू उसे भी मेरा ना कर सका !!!

 तू उसे भी मेरा ना कर सका

अपनी ही किस्मत में दर्द

कहते है इंसान अपनी किस्मत खुद लिखता है , फिर भला अपनी ही किस्मत में दर्द कौन लिखता है ?

 अपनी ही किस्मत में दर्द

HUGE LOVE BOOK

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