By | March 5, 2019
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हाथो की लकीरे देखकर

वो मेरे हाथो की लकीरे देखकर अक्सर मायूस हो जाती है, . शायद, . उसे भी एहसास हो गया है की वो मेरी क़िस्मत मे नही है.

 हाथो की लकीरे देखकर

मैं बस तुम्हारी हूँ

ये वादा है तुमसे वो दिन भी मैं लाऊँगा, जब तुम ख़ुद कहोगी, . मुझे दुनिया की परवाह नहीं। मैं बस तुम्हारी होना चाहती हूँ। मैं बस तुम्हारी हूँ।

मैं बस तुम्हारी हूँ

महबूब मुझे मिल जाए

बनके फ़कीर बैठा था जिसके लिए वही आकर कहने लगी , बाबा दुआ करो मेरा महबूब मुझे मिल जाए,,

 महबूब मुझे मिल जाए

तुम्हारे साथ पूरी एक जिन्दगी

सच कहें तो , मैं तुम्हारे बिना सिर्फ एक नाम हूँ । मगर तुम्हारे साथ पूरी एक जिन्दगी !!!

 तुम्हारे साथ पूरी एक जिन्दगी

कुछ बात बताने का

कुछ बात बताने का बहाना करके चूम लिया था उसके गालों को । अब वह हर रोज कहती , वो बात बताओ न !!!

कुछ बात बताने का

भूलने की बीमारी

मन में ही रहती है भूलने की बीमारी ,,,, होंठ चूम आता हूं , गाल भूल जाता हूँ….!!

 भूलने की बीमारी

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