By | July 15, 2019
Spread the love

मैं अक्सर कहा करता था

वो अक्सर पूछा करती थी, क्या कर रहे हो ???

मैं अक्सर कहा करता था कुछ भी नही , सिवाय तुम्हें याद करने के …

मैं अक्सर कहा करता था

जहाँ हम अक्सर मिला करते

अक्सर , घंटो ठहर कर देखता हूँ उस गली में ,,
जहाँ हम अक्सर मिला करते थे, और ठहर कर घंटो बातें किया करते थे …

जहाँ हम अक्सर मिला करते

तुमसे मोहब्बत कुछ इस तरह

तुमसे मोहब्बत कुछ इस तरह थी …

कि मैं बता नहीं सकता, गिना नहीं सकता, दिखा नहीं सकता ।

तुमसे मोहब्बत कुछ इस तरह

दिल के किसी कोने में

दिल के किसी कोने में
रह ही जाते हैं ।
कुछ लोग
बहुत जिद्दी होते हैं ।

दिल के किसी कोने में

इश्क़ की उलझनों में

इश्क़ की उलझनों में हम उलझे रहे ।

न उनसे ” हाँ ” हुई और न ही मुझसे ” ना ” हुई।

इश्क़ की उलझनों में

हमारा इश्क़ बिखर गया

बस इसी उलझन में, हम दोनों फसे रहें ,,

और हमारा इश्क़ बिखर गया ।

कि वो इजहार करेगा, वो इजहार करेगी ।

हमारा इश्क़ बिखर गया

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *