By | March 31, 2019
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जब भी उसको देखता हूँ

मैंने अपने आखो को बहुत समझाया कि तू इतना बहता क्यों हैं , वह बोला क्या करु जब भी उसको देखता हूँ तब खुद ही निकल जाती हैं।

जब भी उसको देखता हूँ

मैंने एक शख्स को चुना

7 अरब लोग इस संसार में , उनमें से मैंने एक शख्स को चुना , और वह भी है मुझसे खफा ।।

मैंने एक शख्स को चुना

जितनी मोहब्बत मैं करता तुमसे

तुम्हारे सभी चाहने वाले मिलकर भी उतना नहीं चाह सकते हैं तुम्हें , जितनी मोहब्बत मैं अकेला करता हूं तुमसे।

 जितनी मोहब्बत मैं करता तुमसे

बारिश भी नाराज हैं

बारिश भी नाराज हैं आजकल मेरे शहर में , सुना है वो छत पर भीगने भी नहीं आती।।।

बारिश भी नाराज हैं

मेरी क्या तकदीर लिखी

तकदीर लिखने वाले ने भी मेरी क्या तकदीर लिखी , सब कुछ लिखी पर उसे ही न लिखी ।

मेरी क्या तकदीर लिखी

किसी दिन प्यार दिवस भी मनाया जाता

काश किसी दिन प्यार दिवस भी मनाया जाता , तो कितना अच्छा होता ,, कम से कम लोग उस दिन तो अपने प्यार से मिल सकते थे , जिनका प्यार वर्षों से रुठा हो।

किसी दिन प्यार दिवस भी मनाया जाता

जरा सम्भल कर चलना

कहीं फिसल न जाना जरा सम्भल कर चलना , मौसम बारिश का भी हैं और मोहब्बत का भी ।

जरा सम्भल कर चलना

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