By | March 14, 2019
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आज भी पहचान लेती हैं

मुझे देखते ही वह अपने घर के दरवाजे बंद कर देती हैं , दुख इस बात का नहीं है कि बंद कर देती हैं , बल्कि खुशी इस बात की होती हैं कि चलो आज भी पहचान लेती हैं।

मुझे देखते ही वह अपने घर के दरवाजे बंद कर देती

बिलकुल चान्द की तरह प्यारी हैं

अब उसके बारे में किसी को क्या बताएँ कि वह कैसी है , बस इतना समझ जाओ कि बिलकुल चान्द की तरह प्यारी हैं।

बिलकुल चान्द की तरह प्यारी हैं

ईश्क का स्कूल छोड़ कर

तुम बेशक चले गये हो , ईश्क का स्कूल छोड़ कर मगर हम आज भी तेरी य़ाद की , क्लास में रोज हाजरी देते हैं ।

ईश्क का स्कूल छोड़ कर

हमने कहा इश्क है

शायर होने का मुझे बहुत नुकसान हुआ हमने कहा इश्क है , वो बोले वाह वाह बहुत खुब ।।।

हमने कहा इश्क है

बहुत उदास बैठे हो

बहुत उदास बैठे हो आज , कहो तो अपना दिल दे दूं खेल लेना ।।।

बहुत उदास बैठे हो

कोई उसे इस कदर इतना चाहता होगा

शायद उसे यह पता नहीं है , कि कोई उसे इस कदर इतना चाहता होगा , जितना उसके पूरे परिवार मिलकर भी नहीं चाह सकते हैं।।।

कोई उसे इस कदर इतना चाहता होगा

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