By | March 24, 2019
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सुना है चाय बनाती हो

मिली जो फुर्सत तो आएंगे और पीयेंगे ज़रूर… सुना है चाय बनाती हो , तो गली महक उठती है…

सुना है चाय बनाती हो

जाने क्यों कमी सी है

जाने क्यों कमी सी है.. तुम भी हो.. मैं भी हूँ.. हम क्यों नहीं है..

जाने क्यों कमी सी है

कभी हवा व् तूफान चले

काश ऐसी भी कभी हवा व् तूफान चले … कौन किसका है ?? ये पता तो चले …

समंदर अपनी 'बेबसी'

कब आ रहे हो मुलाक़ात के लिये

कब आ रहे हो मुलाक़ात के लिये , हमने बादलों को रोका है तुम्हें भिगाने के लिये !!

कब आ रहे हो मुलाक़ात के लिये

सिर्फ तुम्हारा होता

अगर सबकुछ मेरा होता….. मै फ़िर भी सिर्फ तुम्हारा होता ….!!

सिर्फ तुम्हारा  होता

फ़िर हुआ गली में तमाशा

फ़िर हुआ गली में तमाशा आज सवेरे………. वो मुझे ,, मैं उन्हें…..लोग हमें देखते रहे……lll

फ़िर हुआ गली में तमाशा

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