By | March 26, 2019
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तुम्हारी कमी खलती हैं

महफिल अब सुनसान जैसी लगती हैं। दिल में हर वक्त तुम्हारी कमी खलती हैं।

तुम्हारी कमी खलती हैं

मिलने को तरसते हैं

खुश नसीब होते हैं बादल , जो दूर रहकर भी ज़मीन पर बरसते हैं, . और एक बदनसीब हम हैं, . जो एक ही दुनिया में रहकर भी.. मिलने को तरसते हैं. …

मिलने को तरसते हैं

मुझ जैसा मत करना

मेरे बाद अगर किसी को मुझ जैसा पाओ तो , मेरे बाद किसी के साथ मुझ जैसा मत करना !!!

मुझ जैसा मत करना

जब भी तुम पुकारोगो

जब भी तुम पुकारोगो , हरदम साथ पाओगे । लेकिन दिल नहीं होगा , बस इंसान ही पाओगे??

जब भी तुम पुकारोगो

उसका इंतजार लगा रहता

कभी अलविदा कहीं नहीँ उसने .. इसलिये तो आज भी उसका इंतजार लगा रहता है.!”

उसका इंतजार लगा रहता

कुछ लोग हमारे कभी नही होते

कुछ लोग हमारे कभी नही होते , बस वक्त उन्हें कुछ पल के लिये हमारे पास ले आता है , ना जाने क्यों..?

कुछ लोग हमारे कभी नही होते

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